हनुमत जयंती के पावन अवसर पर पूज्य पंडित बृजेश पाठक जी ने श्री रामचरितमानस के माध्यम से हनुमान जी महाराज की अद्भुत महिमा का भावपूर्ण वर्णन किया।
उन्होंने कहा— “जो भक्तों के आँसू पोंछ दे उसे भगवान कहते हैं, और जो भगवान के भी आँसू पोंछ दे उसे हनुमान कहते हैं।”
रामायण इस सत्य का प्रमाण है— जब लक्ष्मण जी को शक्ति लगी और प्रभु श्री राम व्याकुल होकर अश्रुपूर्ण हो उठे, तब पवनपुत्र हनुमान जी ही संजीवनी बूटी लाकर प्रभु के आँसू पोंछने वाले बने।
ऐसे असीम करुणामयी और भक्तवत्सल हनुमान जी की महिमा का पूर्ण वर्णन कोई कैसे कर सकता है!
कथा कार्यक्रम प्रतिदिन रात्रि 8:00 बजे से 9:00 बजे तक चल रहा है। श्री सनातन धर्म सभा के महामंत्री श्री ओमप्रकाश कोचर जी ने सभी से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर श्री राम कथा श्रवण का पुण्य लाभ लेने का विनम्र अनुरोध किया।
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