हर भजन और हर बधाई गीत में मातृ शक्ति का स्नेह, श्रद्धा और समर्पण स्पष्ट झलक रहा था। ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो सभी माताएँ अपने आराध्य को “राम लला” मानकर उनके जन्म की खुशी मना रही हों।