11:19 am Sunday , 19 July 2026
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भगत सिंह, सुखदेव, राजगुरु की शहादत याद करके पूंजीवाद – साम्राज्यवाद विरोधी सभा का आयोजन

★ भगत सिंह, सुखदेव, राजगुरु की शहादत को याद करते हुए किया गया पूंजीवाद – साम्राज्यवाद विरोधी सभा का आयोजन

दुनियाभर में बढ़ते साम्राज्यवादी हस्तक्षेप व हमलों का किया विरोध

जिरौली में चल रहे अंडरपास की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन का किया गया समर्थन

आज दिनांक 23 मार्च 2026 दिन सोमवार को ‘साम्राज्यवाद विरोधी दिवस’ मनाया गया। अमर शहीद भगत सिंह, सुखदेव, राजगुरु की शहादत दिवस के अवसर पर पूंजीवाद साम्राज्यवाद विरोधी सभा आयोजित की गई।


सभा में बात रखते हुए क्रांतिकारी लोक अधिकार संगठन के सतीश ने शहीदों की विरासत और तत्कालीन परिस्थितियों की चर्चा की। उन्होंने कहा भगत सिंह के विचार और लेख आज भी उतने ही प्रभावी हैं। साम्राज्यवादियों की ‘फूट डालो – राज करो’ की नीति की तरह ही आज के शासक भी लोगों को आपस में लड़ाकर लूट-शोषण को जारी रखे हुए हैं। पूरी दुनिया में साम्राज्यवादी हस्तक्षेप व हमलों में बढ़ोत्तरी हो रही है। हमें इन हमलों का विरोध कर भगत सिंह व उनके साथियों से प्रेरणा लेते हुए हर जाति- धर्म के मेहनतकशों को एकजुट करना होगा। लूट- शोषण पर टिकी इस पूंजीवादी व्यवस्था की जगह समाजवादी व्यवस्था के लिए संघर्ष करना होगा।

जनहित सत्याग्रह मोर्चा के अध्यक्ष प्रेमपाल सिंह ने कहा शासकों द्वारा शहीदों को भूलाने की तमाम कोशिशों के बावजूद आम लोगों ने उन्हें अपने गीतों के जरिए तथा घरों व गाड़ियों में फ़ोटो लगाकर उन्हें जिंदा रखा है। आज भगत सिंह, चंद्रशेखर आज़ाद जैसे जनता के नायकों को उनके विचारों से काटकर उन्हें जाति-धर्म के खांचे में बांटा जा रहा है।

भारतीय किसान यूनियन के मंडल प्रवक्ता राजेश सक्सेना ने कहा कि पूंजीवादी साम्राज्यवादी लूट व शोषण के खात्मे तथा समाज में आमूल-चूल बदलाव के पक्षधर भगत सिंह से हमारे देश के शासक आज भी डरते हैं। इसीलिए वह इन शहीदों को भुलाने या उनको मतवाले युवकों की तरह पेशकर आम जनता को उनके विचारों से दूर रखने की कोशिश करते हैं। आज जिरौली गांव पर ग्रामीणों का अंडरपास के लिए चलने वाला आंदोलन इन्हीं पूंजीवादी ताकतों के खिलाफ है। जो विकास के नाम पर देश के मजदूरों किसानों के जीवन को बर्बाद कर रहे हैं। यह विकास चंद पूंजीवादी घरानों का विकास है। देश को जरूरत है एक ऐसे विकास की जो सारे ही मनुष्यों को एक गरिमामय जीवन प्रदान कर सके।
विद्युत संविदा कर्मियों के नेता हर्षवर्धन ने कहा आज की छात्र -युवा पीढ़ी को भगत सिंह और उनके साथियों के जीवन तथा उनको विचारों को जानने- समझने की जरूरत है। भगत सिंह और उनके साथी ब्रिटिश साम्राज्यवाद से लड़ते हुए गैरबराबरी और शोषण से मुक्त आज़ाद और खुशहाल भारत का जो सपना लिए शहीद हो गए। उनके सपनों को जिंदा रखना और आगे बढ़ाना आज हमारी जरूरत और जिम्मेदारी बनती है।

आल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस के प्रांतीय नेता आर के जौहरी ने बताया भगत सिंह ने कहा था ‘साम्राज्यवाद एक बड़ी डाकेजनी की साजिश के सिवा कुछ नहीं है। साम्राज्यवाद मनुष्य के हाथों मनुष्य के और राष्ट्र के हाथों राष्ट्र के शोषण का चरम है।’ और ‘अगर कोई सरकार जनता को उसके मूलभूत हक़- अधिकारों से वंचित रखती है उसे समाप्त कर देना चाहिए।’ भगत सिंह की यह बातें आज भी प्रासंगिक हैं। आज भी साम्राज्यवादी लूट और युद्ध जारी हैं। जनता के बुनियादी हक- अधिकारों को चौतरफा कुचला जा रहा है। इसका मुकाबला भगत सिंह की क्रांतिकारी विरासत को आगे बढ़ाकर ही किया जा सकता है।
सभा का संचालन करते हुए जनहित सत्याग्रह मोर्चा के उपाध्यक्ष कृष्ण गोपाल गुप्ता ने कहा पूंजीवादी- साम्राज्यवादी लूट- शोषण से पूरी दुनिया के मजदूर- मेहनतकश के त्रस्त हैं।आज साम्राज्यवादी पुनः हावी हो रहे हैं। साम्राज्यवादी ताकतें क्षेत्रीय ताकतों के साथ मिलकर दुनियां की जनता को युद्धों की विभीषिका में झोंक रही हैं। ऐसे में जरूरत है आज भगत सिंह ,सुखदेव , राजगुरु की तरह ही मेहनतकश जनता को एकजुट कर संघर्ष को आगे बढ़ाया जाए। युवा पीढ़ी को इसमें अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभानी होगी। भगत सिंह और उनके साथियों के विचारों को जन-जन तक ले जाना होगा। तभी हम भगत सिंह के सपनों का भारत बना सकते हैं।
कार्यक्रम में सामाजिक कार्यकर्ता, किसान नेताओं के अलावा आस पास के गांव के सैकड़ों महिला पुरुष किसान, ग्रामवासी , नौजवान और बच्चे शामिल रहे। कार्यक्रम का अंत जोशीले नारों के साथ किया गया।

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