6:20 am Sunday , 19 July 2026
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प्रभु श्री राम और केवट के संवाद ने सभी का मन मोह लिया


बदायूं : भगवान परशुराम इंटर कालेज, नेकपुर में चल रहे श्रीराम कथा महोत्सव के आठवें दिन कथा वाचक रवि महाराज ने रामायण के अत्यंत मार्मिक प्रसंगों का वर्णन किया, जिन्हें सुनकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे। उन्होंने माता कैकेयी के कोप भवन जाने, राजा दशरथ और कैकेयी संवाद का मार्मिक वर्णन किया। उन्होंने कहा कि जब माता कैकेयी कोप भवन में बैठकर राजा दशरथ से कठोर वर मांगती हैं, पर राजा दशरथ अपने वचन से पीछे नहीं हटते। वहीं प्रभु श्री राम भी प्रसन्न मन से वनवास स्वीकार कर मर्यादा का आदर्श प्रस्तुत करते हैं। उन्होंने कहा कि जीवन में कठिन समय आए तो भी सत्य बोलना, कर्त्तव्य का पालन करना और वचन का पालन करना नहीं छोड़ना चाहिए। प्रभु श्री राम ने पिता की आज्ञा मानी और चुनौतियों को स्वीकार किया। असंभव कार्यों को भी संभव कर दिखाया। उन्होंने आगे सुमंत्र द्वारा भगवान श्रीराम को बुलाने, राम-केकई और राम-दशरथ संवाद का वर्णन किया। उन्होंने श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण के वनगमन, श्रंगवेरपुर में निषादराज की सेवा, लक्ष्मण और सुमंत्र की वापसी में केवट और श्रीराम संवाद श्रीराम का प्रयागराज स्थित भारद्वाज आश्रम पहुंचना, महर्षि वाल्मीकि से संवाद, चित्रकूट में निवास तथा वनवासियों—कोल, भील और गिरिवासियों द्वारा सेवा जैसे प्रसंग सुनाते। उन्होंने कहा कि भगवान श्री राम के आदर्श जीवन से मानवता की सेवा और समर्पण की प्रेरणा मिलती है।
इसके बाद कथा के अंत में उन्होंने अयोध्या लौटे सुमंत्र द्वारा राजा दशरथ को वियोग समाचार सुनाने तथा उनके निधन का अत्यंत करुण वर्णन किया। इस मौके पर मुख्य यजमान अवनेश सक्सेना, रामबहादुर पाण्डे, मुनीश वीके सक्सेना, वाचस्पति मिश्र, राहुल माहेश्वरी, आरके उपाध्याय, बासुदेव गुप्ता, विकास चौहान, विकास शर्मा, एनसी मिश्रा, केएल गुप्ता, संतोष वर्मा, संजू साहू, हरिओम आदि मौजूद रहे। श्रद्धालुओं ने आरती में भाग लेकर प्रसाद ग्रहण किया।

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