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नियम ताक पर राजनैतिक पहुंच,व जोड़तोड़ का गठजोड़
उझानी बदांयू 7 मार्च।
उत्तर प्रदेश सरकार की नीति है कि कोई भी अधिकारी हो या पुलिस कर्मी एक जगह तीन साल से ज्यादा रूक नहीं सकता। एक सीट पर तीन साल बिताने के बाद तबादला जरूरी है। लेकिन उझानी शहर में तैनात लेखपाल पर यह नियम लागू नहीं होते, वज़ह तहसील प्रशासन जानें ? तभी तो आठ वर्ष से एक ही जगह पर अटैचमेंट के खेल से लेखपाल महोदय टिके हुए हैं।
बताते हैं शहर में तैनात लेखपाल को राजनैतिक पहुंच का फायदा मिल रहा है,इसी के चलते तहसील प्रसाशन नतमस्तक है। बताते हैं कि तीन साल पूरे होने के बाद पड़ोस की देहात में ट्रांसफर कर दिया जाता है। व उझानी से अटैच कर दिया जाता है, आखिर क्यों क्या विभाग में ओर कोई लेखपाल नहीं जो शहर को संभाल सकें। या कुछ ओर यह तो तहसील प्रसाशन जानें जो आठ सालों में तबादला कर फिर से उझानी शहर में अटैचमेंट कर दिया जाता है।———-
बताते चलें कि उझानी शहर में लगातार चार साल पूरे करने के बाद अधिकारियों की नजर पड़ी तो लेखपाल का अब्दुल्ला गंज ट्रांसफर कर उझानी से अटैच कर दिया गया। वहां भी समय पूरा होने पर छतुईया तबादला कर दिया,फिर वही अटैचमेंट का खेल उझानी से ही अटैच कर दिया। तहसील में ऐसा ही खेल जिले की कुछ प्रमुख व बड़ी जगह पर भी काफी समय से बदस्तूर जारी है। अगर नियमानुसार जांच हो तो दर्जनों लेखपाल इस अटैचमेंट के खेल के चलते लम्बे समय से एक जगह टिके नहीं रह सकते।
राजेश वार्ष्णेय एमके
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