11:18 am Sunday , 19 July 2026
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पर्यावण शुद्धि का पर्व है होली : आचार्य संजीव रूप

बदायूँ, होली को पर्यावरण शुद्धि दिवस के रूप में मनाने की मुहिम चला रहे आर्य समाज के अंतरराष्ट्रीय वैदिक विद्वान समाज सुधारक आचार्य संजीव रूप जनपद घर में 42 जड़ी बूटियां से युक्त उत्तम सामग्री पूरे जनपद में निःशुल्क बांट रहे हैं ! आचार्य संजीव रूप काउद्देश्य समाज को जागरूक करना हैउनका कहना है की होली एक पवित्र यज्ञ है जिसे सामूहिक रूप से एक स्थान पर पुरुष लोग मानते हैं और घर-घर में माताएं बहने बलगुरिया जलाकर मनाती हैं । होली में गांधी वस्तुएं डालनाहरे पेड़ लाकर के डाल देना चोरी से लकड़ी लाकर डालना पाप है और गलत है होली में अपने घर से उपले और कुछ लकड़ी लेकर रखना चाहिए और उसे पर उत्तम सामग्री डालना चाहिए जिससे पर्यावरण शुद्ध होगा और ऋतु परिवर्तन के समय होने वाले रोगों से सभी को मुक्ति मिलेगी !
आज आचार्य संजीव रूप बदायूं में सदर विधायक महेश गुप्ता जी भाजपा नेता प्रेम स्वरूप पाठक , बिल्सी विधायक हरीश शाक्य को सामग्री भेंट की साथ ही पुलिस अधीक्षक ब्रजेश कुमार तथा जिलाधिकारी अवनीश राय एवं अनेक गणमान्यो को भी सामग्री भेंट की और उसका महत्व बताया ! आचार्य संजीव रूप ने बताया कि होली मे सड़को के किनारे पेड़ों की लकड़ी चोरी कर के ले जाते हैं नौजवान उसे होली के नाम पर जला देते हैं , लोग अपने घरों के गंदे कपड़े गंदी चीजे प्लास्टिक आदि को भी होली में रख देते हैं और उसे जलाते हैं ! यह सब बहुत हानिकारक और अधार्मिक कार्य है , पाप है ! लोगों को सामग्री बनाकर शुद्ध सरसों के तेल व देशी घी के साथ समर्पित करना चाहिए ! इससे घर और समाज का वातावरण उत्तम होता है तो रोग के बैक्टीरिया और वायरस नष्ट हो जाते हैं लोग स्वस्थ होते हैं साथ ही शराब और गंदे रंगों से भी होली न खेलने की वह अपील करते हैं । आचार्य संजीव रूप 2012 से होली को पर्यावरण शुद्धि का पर्व बनाने की मुहिम में लगे हुए हैं !उन्होंने अब तक प्रदेश और देश में अनेक लोगों को प्रेरित किया है और स्थान स्थान पर उनकी प्रेरणा से लोग होली में सामग्री जला रहे हैं । अभी तक आचार्य संजीव रूप ने बबराला बिल्सी इस्लामनगर बदायूं 50 से अधिक गांवों में सामग्री का वितरण किया है ! अभी अनेक स्थानों पर जाकर लगभग 5000 पैकेट बांटने है ।

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