5:04 pm Sunday , 19 July 2026
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हिंदी साहित्य सेवा समिति द्वारा विश्व हिंदी दिवस पर काव्य गोष्ठी का आयोजन

बिल्सी । हिंदी साहित्य सेवा समिति
उत्तर प्रदेश की बदायूं इकाई के बैनर तले आज विश्व हिंदी दिवस के मौके पर नगर के तहसील रोड स्थित सिटी कंपलेक्स में काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया ।
कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर एवं पुष्प समर्पित कर किया गया

यहां सवसे पहले

कवि जुगेन्द्र सिंह ‘जुगनू’ ने सुनाया कि

हम हिन्दुस्तानी हिन्दी वादी, हिन्दी संकल्प लिया होता
धोती कुर्ता गमछा टोपी, पादुका पाँव पावन होता

कवि रमेश चन्द्र मिश्र ‘सहज’ ने सुनाया कि
अभी हुआ सिंदूर अभी तो बिन्दी होना बाकी है
भारत के माथे का पी ओ के लेना बाकी है

कवि विष्णु असावा ने सुनाया कि
भारत के माथे पर बिन्दी के समान हिन्दी,
आओ मिलजुल इस भाल को सजाते हैं।

कवि प्रशांत खंडेलवाल ने सुनाया की

वक्ताओं की ताकत है हिंदी,
लेखको का अभिमान है हिंदी,,
भाषाओं के माथे पर सजी,
प्यारी सी एक बिंदी है हिंदी ,,

कवि देव ठाकुर ने सुनाया कि
जब तक सच ज़िंदा है,
जब तक प्रेम की पहचान है—
तब तक दुनिया में
मेरा हिंदुस्तान है!”

कवि ओजस्वी जौहरी ने सुनाया कि
क ख ग से ज्ञ तक हमें भान कराती है हिन्दी
अक्षर अक्षर शब्द जगत का ज्ञान कराती है हिन्दी।
सब भाषाओं से बढ़कर है अपनी हिन्दी की भाषा
जन मानस हर्षित होता सम्मान कराती है हिन्दी।

कवि आशीष वशिष्ठ ने सुनाया कि
भारत माता के भाल पे शोभित बिंदी बड़ी सुहानी है।
जिसकी ममता में पले बढ़े वह हिंदी बड़ी सुहानी है।।

कवि आकाश पाठक ने सुनाया कि
महीना अभी शुरू है,और साल दूसरा है।
दिखने में सब सही है, पर हाल दूसरा है।

कवि प्रेम दक्ष ने सुनाया कि
जाने कहा लिए जाती हैं मुझको बो वेदिल लड़की,
पता नहीं अब मंजिल का सुध भूल गया हूँ घर की!

इस मौके पर डॉ नीरज अग्निहोत्री,कु० निशा,मनोज माहेश्वरी सोनू, वंश गिरी,ट्री मैन प्रशांत जैन ,जुगेन्द्र सिंह ‘जुगनू’, रमेश चन्द्र मिश्र ‘सहज’, आशीष वशिष्ठ, देव ठाकुर, प्रेम दक्ष, आकाश पाठक, ओजस्वी जौहरी ‘सरल’, प्रशांत जैन , विष्णु असावा,नीरज शर्मा समेत कई लोग उपस्थित रहे।

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