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सहालगों बाद आएगी आलू के फिंकने की नोबत।
उझानी बदांयू 29 नवंबर।
स्थानीय नए आलू की आवक के साथ ही पुराने आलू की निकासी से किसानों ने हाथ खींच लिए हैं। बताते हैं कि स्थानीय कोल्ड स्टोरेजों में अभी भी लगभग 20 हजार बोरी आलू रखा हुआ है। थोक में पुराने आलू की कीमत 25 प्रतिशत रह गई है।
कोल्ड स्टोर में 31 अक्तूबर तक आलू का भंडारण चलता है। पंजाब, कनार्टक एवं हल्द्वानी आलू की आवक अक्तूबर में बाजार में हो जाती है। समय से आलू न आने से इसकी अच्छी मांग बनी हुई थी। कीमतों में भी उछाल आ गया लेकिन एक पखवाड़े पहले बाहर के नए आलू की आवक शुरू हो गई।
स्थानीय मंडी में नए आलू की आवक होने के साथ ही इसकी कीमत भी गिरने लगी। स्थानीय नया आलू 30 रुपये किलो के भाव से फुटकर में बिकना शुरू हुआ। जो अब घटकर 20 रुपये किलो से नीचे आ गया है। जबकि थोक में इसके भाव इस समय 12 रुपये किलो तक है।

नए आलू की कीमत में आई इस गिरावट ने पुराने आलू की बेकदरी कर दी। जो आलू एक पखवाडे़ पहले तक थोक में 1000 से 11 सो रुपये बोरी तक बिक रहा था। अब उसके भाव 400 से 500 रुपये तक रह गए। इतनी कम कीमत रह जाने से किसानों ने कोल्ड से आलू निकालना बंद कर दिया है। इससे कोल्ड स्टोर संचालक भी चिंतित हैं।
कोल्ड स्टोर संचालकों ने बताया कि नए आलू की कीमतें अभी से घट जाने से पुराने आलू की कीमतों में काफी गिरावट आ गई है। इससे निकासी प्रभावित है। पुराने आलू के फिकने की संभावना है।
वहीं स्थानीय कोल्ड स्टोरेज स्वामी ने बताया कि इस समय शादीयों का सीजन चल रहा है,4 दिसंबर के बाद वह भी खत्म हो जाऐगा। फिर पुराने आलू को कोन पूछेगा, कोल्डस्टोरेज खाली करने को भंडारित आलू को फेंकने के अलावा कोई रास्ता नहीं। क्योंकि आलू सस्ता होने की वज़ह से किसान निकालने नहीं आएगा।
राजेश वार्ष्णेय एमके।
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