8:42 pm Sunday , 19 July 2026
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नये आपराधिक कानूनों के और प्रभावी क्रियान्वयन के लिए NCL जागरूकता अभियान

नये आपराधिक कानूनों के और प्रभावी क्रियान्वयन के लिए NCL जागरूकता अभियान 2.0 के तहत क्षेत्राधिकारी दातागंज, क्षेत्राधिकारी सहसवान व विभिन्न थाना पुलिस द्वारा गोष्ठी / नुक्कड़ सभा आदि आयोजित कर आमजन व छात्र – छात्रोओं को जागरुक किया गया।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, बदायूँ डा0 बृजेश कुमार सिंह निर्देशानुसार नए आपराधिक कानून न्याय प्रणाली को अधिक पारदर्शी, त्वरित और जनसुलभ बनाने हेतु शासन की मंसा के अनुरूप नए आपराधिक कानूनों (NCL) के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु ‘NCL जागरूकता अभियान 2.0’ का सफल आयोजन किया गया। इस अभियान के तहत क्षेत्राधिकारी दातागंज श्री कृष्ण कुमार तिवारी द्वारा उनोला डिग्री कॉलेज में थाना अलापुर पुलिस टीम के साथ कालेज के छात्र – छात्राओं एवं अध्यापकों को नये आपराधिक कानूनों भारतीय न्याय संहिता (BNS), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) और भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA) के महत्त्वपूर्ण प्रावधानों से अवगत कराया गया।


इसके अतिरिक्त क्षेत्राधिकारी सहसवान श्री कर्मवीर सिंह द्वारा मय पुलिस बल के साथ थाना सहसवान क्षेत्रान्तर्गत अलग- अलग स्थानों पर नुक्कडसभा/जनसभाए करके आमजनमानस को भारतीय न्याय संहिता (BNS), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) और भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA) के महत्त्वपूर्ण प्रावधानों से अवगत कराया गया।
‘NCL जागरूकता अभियान 2.0’ के तहत जनपद के विभिन्न थानों द्वारा नुक्कड़ सभी एवं स्कूल कालेजों में गोष्ठी आयोजित कर आमजन एवं छात्र – छात्राओं को नए कानूनों के महत्वपूर्ण प्राविधानों के बारे में अवगत कराया। महिला पुलिस कर्मियों द्वारा छात्राओं को विशेष रूप से महिला सम्बन्धी अपराधों के बारें में सरल भाषा में बताया गया ।

वक्ताओँ द्वारा बताया गया कि कानून समाज में न्याय, सुरक्षा और समानता की भावना को सशक्त करते हैं। आमजन को समझाया कि भारतीय न्याय संहिता (BNS) ने पुराने भारतीय दंड संहिता (IPC) का स्थान लिया है, जिसमें अपराधों से संबंधित धाराओं में महत्वपूर्ण सुधार किए गए हैं। भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) की जगह लाई गई है, जिससे जांच और सुनवाई की प्रक्रियाएं तेज और सरल होंगी। वहीं, भारतीय साक्ष्य संहिता (BSA) अब डिजिटल युग के अनुरूप तैयार की गई है, जो इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को भी पारंपरिक सबूतों के समान वैधता देती है।

01 जुलाई 2024 से तीन नये आपराधिक कानून – भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस), और भारतीय साक्ष्य अधिनियम (बीएसए) न्याय व्यवस्था को सुगम बनाने हेतु लागू किये गये हैं। नये कानूनों के अन्तर्गत भारतीय नारी, मासूम बच्चों, बुजुर्गों को विशेष शक्तियां दी गई हैं। कार्यक्रम के दौरान नये आपराधिक कानून के महत्त्वपूर्ण प्राविधानों, अधिकार एवं कर्तव्यों के बारे में आम नागरिकों को जानकारी दी गई।

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