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बदांयू में वाहनों की नंबर प्लेट पर जाति की हनक, बेधड़क दौड़ रहीं गाड़ियां

बदांयू 28 सितंबर।

बदांयू की सड़कों पर कई ऐसे वाहन सरपट दाैड़ रहे हैं, जिन पर जाति लिखी गई है। यहीं नहीं, ऐसे लोग धौंस जमाकर अपनी गाड़ियां भी छुड़ाने का प्रयास करते हैं।

बदांयू जिले में यातायात नियमों को ताक पर रखकर कई मालिक अपने वाहनों की नंबर प्लेट पर जाति और धर्म सूचक शब्द अंकित कर बेधड़क सड़कों पर दौड़ रहे हैं। वाहन की पहचान के लिए अनिवार्य नंबर की जगह ‘क्षत्रिय’, ‘हिंदू’, ‘यादव’ कश्यप, जैसे जातिसूचक शब्दों का प्रयोग धौंस जमाने के लिए किया जा रहा है।

हाईकोर्ट के आदेश के बाद अब प्रशासन ऐसे वाहनों के खिलाफ सख्त रुख अपनाने की तैयारी में है। यातायात पुलिस और परिवहन विभाग जल्द ही ऐसे वाहनों के खिलाफ विशेष अभियान चलाकर चालान और जुर्माने की कार्रवाई करेगा। नियम के अनुसार नंबर प्लेट पर जाति या अन्य शब्द लिखा मिलने पर 5,000 रुपये का चालान किया जाएगा। यदि नंबर प्लेट के अलावा वाहन के अन्य हिस्सों पर ऐसा लिखा मिला, तो 2,000 का चालान होगा।

दोबारा उल्लंघन पर यह राशि दोगुनी हो जाएगी। जिले में करीब ढाई लाख वाहन पंजीकृत हैं, जिनमें दोपहिया से लेकर चार पहिया और वाणिज्यिक वाहन शामिल हैं। इनमें से काफी संख्या में वाहन चालक नंबर की जगह जाति का प्रदर्शन कर रहे हैं।

जांच के दौरान कई वाहन मिले नियमविरोधी

शहर के विभिन्न हिस्सों में की गई पड़ताल में कई वाहनों पर नियमों का उल्लंघन देखा गया। बीएसएनएल ऑफिस के सामने खड़े एक चार पहिया वाहन के पिछले शीशे पर हर्ष यादव के साथ ही पुलिस भी लिखा मिला। कलेक्ट्रेट परिसर में खड़ी एक बाइक पर वाहन मालिक ने अपना पूरा नाम ही लिखवा रखा था। नगर के घंटाघर चौराहे के पास एक चार पहिया वाहन के पीछे शीशे पर हिंदू लिखा था। कलेक्ट्रेट परिसर में खड़ी एक बाइक की नंबर प्लेट पर राजपूत लिखा था।

जांच में अगर जाति धर्म की बात छोड़ें तो कई और मामले सामने आए। जैसे अगर कोई कलेक्ट्रेट में कर्मचारी है तो उसने अपनी बाइक या वाहन पर कलेक्ट्रेट लिखवा रखा है। वहीं कुछ ने तो सीधे डीएम ऑफिस लिखवा रखा है। इस कार्य में अधिवक्ता भी पीछे नहीं है। किसी ने अपनी गाड़ी पर उच्च न्यायालय तो किसी ने सर्वोच्च न्यायालय लिखवा रखा है। इतना ही नहीं कलेक्ट्रेट के गेट पर खड़ी एक गाड़ी के आगे और पीछे दोनों तरफ महाप्रधान लिखा था।

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