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बदांयू 12 सितंबर।
डीएल के बाद अब आरसी (रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट) भी स्मार्ट होगी। इसके लिए आवेदक को 200 रुपये फीस देनी होगी। इसके बाद उन्हें पेपर के बजाय कार्ड के रूप में रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट दिया जाएगा जिसमें लगी चिप में वाहन संबंधी पूरा ब्योरा होगा। इस व्यवस्था से खराब होने या फटने का झंझट तो दूर होगा ही, फर्जीवाड़े की शिकायतें भी रुकेंगी। विभाग की ओर से स्थानीय स्तर पर इसकी तैयारी शुरू कर दी गई है।
एआरटीओ आफिस के बाबू ने बताया कि स्मार्ट आरसी दो भागों में होगी। पहले भाग में वाहन एवं वाहन मालिक का ब्योरा होगा। दूसरा भाग कार्ड रीडर मशीन से पढ़ा जाने वाला भाग होगा। इसमें सारा ब्योरा दर्ज होगा। उन्होंने कहा कि स्मार्ट आरसी से वाहन मालिकों को खासी सहूलियत मिलेगी। वर्तमान में जो आरसी है उसे कॉपी किया जा सकता है लेकिन स्मार्ट आरसी कार्ड सुरक्षा की दृष्टि से अभेद्य होगी।
स्मार्ट डीएल की तरह ही स्मार्ट आरसी में भी माइक्रोप्रोसेसर लगेगा। इसमें वाहन मालिक की सभी जानकारियां होंगी। वाहन के रजिस्ट्रेशन नंबर से लेकर वाहन की फिटनेस, पॉल्यूशन, कलर, वाहन का प्रकार, चेसिस नंबर जैसे सभी जरूरी जानकारियां दर्ज होंगी।
बताया कि वाहनों के रजिस्ट्रेशन अभी तक शोरूम पर होते है। प्रमाणपत्र भी वहीं से जारी होते रहे हैं लेकिन अब वह पंजीयन पत्रावलियां अपने पास नहीं रखेंगे। नई व्यवस्था के तहत वाहनों के डीलर आरसी जारी नहीं करेंगे बल्कि वाहन मालिक को आरसी का नंबर देंगे। एआरटीओ कार्यालय की तरफ से वाहन मालिक के पते पर पोस्ट ऑफिस के जरिये स्मार्ट कार्ड आरसी उनके घर पहुंचेगी।
स्मार्ट कार्ड में तब्दील होने वाली आरसी में माइक्रो चिप के साथ क्यूआर कोड भी रहेगा। इससे असली-नकली की पहचान आसानी से हो जाएगी। साथ ही कार्ड को मशीन में लगाते ही गाड़ी का इंजन नंबर, चेसिस, वाहन नंबर आ जाएगा।
यह होंगे फायदे -आरसी के गीले होने, कटने-फटने की समस्या समाप्त होगी। डुप्लीकेसी रोकने के लिए माइक्रो चिप में डेटा सुरक्षित रहेगा। उच्च गुणवत्ता वाली टिकाऊ आरसी मिलेगी, जिससे दीर्घकालिक उपयोग संभव होगा। पुलिस एवं परिवहन अधिकारियों के लिए जांच प्रक्रिया होगी आसान। डिजिटलाइजेशन से भ्रष्टाचार पर लगेगी रोक।
प्रदीप प्रजापति
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