3:20 pm Sunday , 19 July 2026
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मौसम की मार, धान-गन्ने की खेती हो रही बेकार

उझानी बदांयू 30 अगस्त।

किसान मौसम की मार झेल रहे हैं। पंपिंग सेट से फसल की सिंचाई करनी पड़ रही है। दूसरी ओर उर्वरक की किल्लत का भी सामना कर रहे हैं। महंगे दाम पर यूरिया खरीदकर खेत में डालनी पड़ रही है। इससे फसलों की लागत बढ़ती जा रही है।

जिले में शनिवार सुबह घने काले बादल तो छाये, लेकिन हल्के बरसे ओर चले गए। इसी तरह पूरे सावन माह बादलों की लुका छिपी चलती रही थी, अब भादो भी सूखा बीत रहा है। धान की फसल हो या मक्का, मेंथा या गन्ने की फसल, इन पर पानी की कमी साफ झलक रही है।

ऐसे में किसान फसलों को जिंदा रखने के लिए पंपिंग सेट से सिंचाई करने के लिए विवश हैं। नरऊ निवासी किसान महावीर सिंह ने बताया कि बड़ी मुश्किल से एक बोरी यूरिया समिति से मिली है, एक बोरी यूरिया प्राइवेट दुकान से लाकर धान की फसल में डाल रहा हूं।

किसान रामेश्वर ने बताया कि बारिश न होने से फसल बर्बाद हो रही है। ऐसे में किसी तरह महंगे दाम पर डीजल लाकर पंपिंग सेट से सिंचाई करनी पड़ रही है।

कृषि बैज्ञानिकों का कहना है कि वैकल्पिक व्यवस्था ही एकमात्र उपाय है
इस बार जिले में मानसून बेहतर ढंग से प्रभावी नहीं हो सका है। हांलांकि बारिश हुई हे मगर हल्की, इसे सूखा भी नहीं कह सकते।

राजेश वार्ष्णेय एमके।

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