बदांयू 24 जुलाई।
स्वास्थ्य विभाग के खेल वाकई में चोंकाने वाले हैं, बिना पंजीकरण की अवैध पैथोलोजी लैब, नर्सिंग होम अस्पताल के लिए महकमे में कानून अलग-अलग हे,बिना रजिस्ट्रेशन के चल रही लैब को सील कर संचालकों पर रिपोर्ट दर्ज कराई गई, वही बिना रजिस्ट्रेशन के लम्बे समय से चल रहे नर्सिंग होम व अस्पतालों को रजिस्ट्रेशन के कागज दिखाने को आठ दिन का समयदान दे दिया गया आखिर क्यों ? जब जुर्म एक से तो सजा दो क्यों।
पूरे जिले में अवैध पैथोलॉजी लैब व नर्सिंग होम का जाल फैला हुआ है, कल बिसोली में सीएमओ डॉ रामेश्वर मिश्रा की गठित नोडल अधिकारी डॉ पवन जायसी के नेतृत्व में टीम ने तीन अवैध रूप से संचालित लैब को सील कर उनके संचालकों पर रिपोर्ट दर्ज कराने को कोतवाली में तहरीर दे दी गई।
वहीं उझानी, बदांयू, दातागंज , कुंवर गांव में बिना रजिस्ट्रेशन के चल रहे दर्जनों अस्पताल अव नर्सिंग होम को चेकिंग के दौरान रजिस्ट्रेशन के कागजात ना दिखाने पर आठ दिन का समय दे दिया गया। जब जुर्म एक तो स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई के फैसले दो क्यों जबकि इन अवैध नर्सिंग होम के खिलाफ सरकारी सील टूटने व रजिस्ट्रेशन के कागज ना दिखाने पर उनके खिलाफ सील व रिपोर्ट की कार्रवाई क्यों नहीं। क्या बदांयू सीएमओ आफिस के एक जुर्म के सजा देने के दो कानून हैं।
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