इस वर्ष सावन शिवरात्रि 23 जुलाई 2025, बुधवार के दिन मनाई जाएगी। आइए जानते हैं आचार्य राजेश कुमार शर्मा से इस पर्व की तिथि, पूजा का शुभ मुहूर्त ।
धार्मिक मान्यता है कि सावन शिवरात्रि पर व्रत करने और शिवलिंग पर जलाभिषेक करने से जीवन में सुख-समृद्धि, शांति और इच्छित फल की प्राप्ति होती है।
सावन शिवरात्रि की तिथि
चतुर्दशी तिथि आरंभ 23 जुलाई, प्रातः 04:42 पर
चतुर्दशी तिथि समाप्त 23 जुलाई, रात्रि 02:31 पर
सावन शिवरात्रि का शुभ मुहूर्त –
आचार्य के अनुसार सावन शिवरात्रि का शुभ मुहूर्त
निशिता काल पूजा समय 23 जुलाई, दोपहर 12:09 मिनट से 12:51 मिनट तक
भद्रावास योग दोपहर 03:33 मिनट तक
हर्षण योग दोपहर 12:35 से पूर्ण समय
महाशिवरात्रि में पहर का विशेष महत्व होता है।
प्रथम प्रहर- सांय 7:01 से रात्रि 9:38 तक
द्वितीय प्रहर- रात्रि 9:38 से 12:15 तक
तृतीय प्रहर- रात्रि 12:15 से देर रात्रि 2:52 तक
चतुर्थ प्रहर- देर रात्रि 2:52 प्रातः 5:29 तक ।
सावन शिवरात्रि व्रत पारण का समय
सावन शिवरात्रि व्रत पारण 24 जुलाई 2025, प्रातः 05:29 मिनट से शुरू होगा।
सावन शिवरात्रि पर इस विधि से करें पूजा
गंगाजल, दूध, दही, शहद, घी और शक्कर यानी पंचामृत से शिवलिंग का अभिषेक करें।
इसके उपरांत बेलपत्र, भांग, धतूरा, सफेद फूल, चंदन, फल और धूप-दीप अर्पित करें।
अब भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए ‘ॐ नमः शिवाय’ या ‘महामृत्युंजय मंत्र’ का जाप करें।
संभव हो तो रात्रि जागरण करें।
शिवरात्रि के अगले दिन शुभ मुहूर्त पर व्रत का पारण करें।
आचार्य राजेश कुमार शर्मा
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