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उझानी- नरऊ कहां से मिले स्वच्छ जल.. जब जलजीवन मिशन के दर्जनों घरों में नहीं लगे नल

उझानी बदांयू 21 जुलाई।

नरऊ गांव में बर्षो से बने गंदे पानी के तालाब ने नलों के पानी को भी प्रदूषित कर दिया है इसका खुलासा कल जलनिगम की टीम ने पानी के नमूनों की जांच के बाद खुलासा कर दिया व 6 नलों पर लाल निशान लगाकर पानी के प्रयोग को ग्रामीणों से मना कर दिया।

सवाल उठता है कि गांव वाले आखिर जाऐ कहां हर घर नल के तहत सरकार ने जलजीवन मिशन के तहत् पानी का ओवरहेंड टेंक बनाकर सभी घरों में पीने के स्वच्छ जल की व्यवस्था की। ट्यूबवेल चलाने को बिजली कनेक्शन ना लेकर सोरउर्जा प्लांट लगा दिया मगर उससे गांव वालों को समुचित पानी की सप्लाई नहीं मिल पाती। जनरेटर लगा है लेकिन डीजल नहीं मिलता।

गांव नरऊ के रामपाल, रामवीर, तेजपाल, रामबाबू ,होतीलाल, रोहिताश्व,शंकर, वीरपाल, ठाकुर दास, महेन्द्र पाल,पोपी राम, सत्यपाल, मुन्ना लाल,राजू , हरीराम, सत्यभान, रामसिंह रिंकू,बतासो सहित 30 से ज्यादा लोगों ने बताया कि उनके घर पानी का नल टंकी लगी ही नहीं है। वहीं सोलर के चलते ओवरहेंड टेंक भर नहीं पाता तो पानी का प्रेशर इतना कम होता हे कि जाटव बस्ती की तरफ जलजीवन मिशन से लगे नलों में पानी आता ही नहीं तो स्वच्छ जल पीऐ कहां से।

कल जिलाधिकारी के आदेश पर जलनिगम के सहायक अभियंता बलजीत सिंह अवर अभियंता प्रवेंद्र कुमार ने गांव में लगे नलों की पेयजल की गुणवत्ता की जांच की जिसमें 6 हेडपंप का पानी पीने योग्य नहीं पाया। वहीं 15 हेडपंप रिबोर की जरूरत बताई।
नरऊ के ग्रामीणों पर एक गाने की पंक्ति फिट बैठती है कि , बर्षो से पी रहा है मर-मर के जी रहा है, पिछले बर्षो में प्रदूषित पानी पीने से लोगों को पीलिया रोग ने चपेट में ले लिया जिससे कई मौतें हो चुकी है, प्रसाशन को इन गांव वालों की इस गंभीर प्रदूषित पानी की समस्या का कोई समुचित समाधान खोजने की आवश्यकता है,इसी गंदे पानी को रोकने को एक माह से कांग्रेसियों संग ग्रामीण, महिलाएं,युवा, बेटियां क्रमिक अनशन पर बैठी है।

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