पूरे जनपद के सीएचसी, पीएचसी पर चिकित्सक लिख रहे बाहर की दवा।——————–
बदांयू 2 जून।
सरकारी अस्पतालों में तैनात चिकित्सकों और मेडिकल स्टोर संचालकों का गठजोड़ तोड़ना आसान नहीं है। यही वजह है कि जिला अस्पताल से लेकर सीएचसी-पीएचसी में बाहर की दवाएं लिखी जा रही हैं। भगवान कहे जाने वाले चिकित्सक कमीशन की खातिर रोगियों की जेब में डाका डाल रहे हैं।
विभागीय सूत्रों का दावा है कि जिस तरह इन सभी का गठजोड़ बना है, उसे तोड़ने के लिए सख्त कार्रवाई करने की जरूरत है। खासकर मेडिकल स्टोर संचालकों को चिह्नित कर उन्हें चिकित्सकों के चैंबर के अंदर आने-जाने पर रोक लगानी चाहिए। रविवार को सोशल मीडिया पर कुछ पर्चियां वायरल हुईं, जिसमें जिला अस्पताल के चिकित्सकों की ओर से रोगियों को बाहर की दवा लिखी गई हैं।
कहा जा रहा है कि इन पर्चियों पर एक दिन पहले शनिवार को दवाएं लिखी गई थीं। सीएमएस और सीएमओ भले ही सीएचसी-पीएचसी में बाहरी दवा न लिखे जाने का दावा कर रहे हों, लेकिन हकीकत इसके उलट है। गरीब जनता इलाज के नाम पर लूटी जा रही है।
कमीशन से हो रही मोटी कमाई
विभागीय सूत्रों का दावा है कि वेतन से ज्यादा कमाई तो चिकित्सक कमीशन की दवाएं लिखकर कर लेते हैं। एक चिकित्सक को हर दिन बाहर की दवा लिखने पर 5 से 10 हजार रुपये कमीशन के तौर पर मिल जाते हैं। खास बात ये है कि मेडिकल स्टोर संचालक की एंट्री चिकित्सकों के कक्ष में आसानी से होती है। कई ऐसे संचालक हैं, जो व्हाट्सअप कॉल के जरिए चिकित्सकों से बातचीत करते रहते हैं। जानकर बताते हैं कि कई ऐसी दवाएं होती हैं, जिन पर ज्यादा कमीशन तय होता है। ऐसे में चिकित्सक उन्हीं दवाओं को लिखते हैं, जिस पर कमीशन ज्यादा मिलता है।
अतुल वार्ष्णेय बिल्सी।
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