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ईंट भट्ठा उद्योग- 25 साल पर भारी मई का महीना, सूखने से पहले ही ईंटों पर आंधी बारिश का कहर

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बदांयू 28 मई।

ईंट भट्ठा उद्योग पर पिछले 25 साल पर मई महीने के यह 25 दिन भारी पड़ गए। ऐसा पहली बार हुआ कि मई महीने में भट्ठों पर ईंटें नहीं बनी। कच्ची ईंट बनकर सूखती है और बारिश होने से बर्बाद हो जाती है, अभी तक जिले में 50 से 60 करोड़ रुपये का नुकसान हो गया। इससे ईंटों के दाम मे बढ़ोतरी होने से लोगों पर इसका बोझ पड़ना शुरू हो गया।

बदांयू में 300 के आस-पास ईंट भट्ठे पंजीकृत है और यहां के लिए ईंट भट्ठा उद्योग काफी अहम है। इसके साथ ही स्थानीय स्तर पर भी ईंटों की काफी बिक्री है। ईंट भट्ठों को एक मार्च से 30 जून तक चलाया जाता है।और इस बीच ही ईंट तैयार करके पूरे साल का स्टॉक कर लिया जाता है। इनमें मई महीना सबसे अहम माना जाता है और गर्मी में ईंट जल्दी सूखने के साथ ही आग में जल्दी पक जाती हैं। मगर इस बार यह मई का महीना ही भट्ठा मालिकों को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचा रहा है। यहां मई में अभी तक पांच बार आंधी और बारिश हो चुकी है। इससे कच्ची ईंटें पूरी तरह बर्बाद हो जाती है। इसलिए मई महीने में ईंटें नहीं बन रही हैं।

ईंट महंगी होने से लोगों की जेब होगी ढीली
आंधी व बारिश में ईंटों के खराब होने से भट्ठा मालिकों को नुकसान हो रहा है तो इसका बोझ लोगों पर पडऩे लगा है। ईंटों के दाम एक सप्ताह पहले के मुकाबले दो से चार सो रुपये प्रति हजार महंगी हो गई है।
ईंट निर्माता समिति के पदाधिकारी आगे स्थिति को देखते हुए इसमें अभी ओर बढ़ोतरी की बात कह रहे हैं।

इस बार मौसम में अचानक बदलाव हो रहा है और दिनभर धूप के बाद शाम को आंधी के साथ ही बारिश होने लगती है। मौसम के बदलाव के चलते इस बार मानसून भी जल्दी आ गया, जो जून के बीच में आता था। ऐसे में ईंटों का स्टॉक नहीं हुआ तो ईंटों की किल्लत हो सकती है।
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ईंट भट्ठा चला रहे लोगों का कहना है कि इन 25 साल में पहली बार मई के महीने में ऐसा हुआ है। जो बारिश हो रही है। इससे भट्टा स्वामियों को काफी नुक़सान उठाना पडा है।

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