2:15 am Wednesday , 22 July 2026
BREAKING NEWS

बदायूँ हिन्दी काव्य मंच” द्वारा होली की टोली सरस काव्यगोष्ठी का आयोजन

आज दिनांक 9 मार्च 2025 को को एच एल मल्होत्रा शिक्षा निकेतन जोगीपुरा बदायूँ में ” बदायूँ हिन्दी काव्य मंच” द्वारा होली की टोली सरस काव्यगोष्ठी का आयोजन किया गया।
मुख्य अतिथि श्री संजीव वार्ष्णेय जी, जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी बदायूँ और वरिष्ठ शिक्षाविद् एवं समाजसेवी श्री एस के मल्होत्रा जी ने मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलित कर गोष्ठी का शुभारंभ किया।
सरस्वती वंदना बिसौली से पधारे कवि हरगोबिंद पाठक जी ने पढ़ी।
मातु शारदे वंदन तेरा
उज्ज्वल वशिष्ठ ने पढ़ा
छोड़कर नफ़रतें ज़माने की,
आओ करते हैं प्यार होली में।

मुख्य अतिथि श्री संजीव वार्ष्णेय जी ने कहा
बरसाना में खेले होरी, कान्हा संग राधा गोरी,कान्हा को पकड़ अंग अंग रंग डारों है….

अचिन मासूम जी ने कहा
*मिले उल्लास का और हर्ष का आधार होली में,*
*न कोई भी रहे ग़म से कभी दो चार होली में,*
*ज़मीं से आसमां तक सप्तरंगी हो रही दुनियां,*
*रंगो से कर रही धरती नवल श्रृंगार होली में ।।*

उझानी से पधारे कवि विवेक अज्ञानी जी ने पढ़ा
उड़ाओ खूब रंग ये खुशी के यार होली में…..
मिलाओ दिल से दिल और लुटाओ प्यार होली में….
छल ,कपट ,ईर्ष्या और भेदभावों से परे होकर…..
छिपा है प्रेम और सद्भावना का सार होली में……..
बिसौली से पधारे कवि आकाश पाठक ने पढ़ा
हम सब मिल गए यार यहां सब होली में।
मुख पर झलके प्यार सभी की बोली में।
दिल की गहराइयों को तुम पहचानो
बंगले में रहते हो या फिर खोली में।

राजवीर सिंह तरंग जी ने पढ़ा
प्यार के नगमे सुनाऍं होली के त्यौहार में,
रंजो गम सब भूल जाऍं होली के त्यौहार में।

दीप्ति सक्सेना जी ने पढ़ा
फाग सुनाए सांवरिया, सांवरिया
रंग भर लाई बदरिया।।

हरगोबिंद पाठक जी ने कहा
जन-जन में होली उमंग ।
हुई देवर भाभी से जंग ।
लठ्ठ मारे लोग लुगाई,
भर दे उर में प्रेम का रंग ।

कवि शैलेन्द्र मिश्र देव ने
पढ़ा
सब गिले शिकवे मिटाना चाहिए
गाल पर भी रंग लगाना चाहिए।।

इसके अतिरिक्त अमन मयंक शर्मा, प्रिय वशिष्ठ अहमद अमजदी अंजलि श्रीवास्तव जी ने भी अपनी कविताओं से श्रोताओं का मन मोह लिया।
कार्यक्रम के अंत में श्री एस के मल्होत्रा जी ने सभी को होली के पवन पर्व की सभी को हार्दिक शुभकामनाएं दीं तथा सभी का आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर विद्यालय की प्रधानाचार्या अनुपमा चौधरी , पुष्पेन्द्र शर्मा, अमन पटेल, शिवेंद्र वार्ष्णेय, बासुदेव मिश्र, कुलदीप यादव, अवधेश पटेल आदि उपस्थित रहे।

अहमद अमजदी साहब ने पढ़ा
चुभो ना दे कहीं दिल में ये तेरे खार होली में,
गले जो मिलने को आए हैं तेरे यार होली में।
अहमद अमजदी ‘बदायूॅंनी’

विज्ञापन एक्सप्रेस
No posts found.