2:14 am Wednesday , 22 July 2026
BREAKING NEWS

उझानी – संतों के सानिध्य से मनुष्य के सारे विकारों का होता है नाश- रवि जी महाराज

।***/////उझानी बदांयू 29 जनवरी। संतों का सानिध्य प्राप्त कर मानव राष्ट्र सेवा की अग्रसर होता है। जिस प्रकार मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम ने महर्षि विश्वामित्र का सानिध्य प्राप्त कर यज्ञ रक्षा करने के लिए पापी राक्षसों का वध किया था और मिथिला नगरी प्रस्थान करते समय पत्थर की अहिल्या को पुनर्जीवन प्रदान किया था। मानव को हमेशा ही सज्जनों के सानिध्य ने रहना चाहिए। उपरोक्त बातें पूज्य सामाजिक संत श्री रवि जी ‘समदर्शी’ महाराज ने नगर में चल रही श्रीराम कथा के दौरान कही।
उन्होंने कहा कि सज्जनों के सानिध्य में रहने से मनुष्य के सारे विकार नाश हो जाते हैं और वह सत्य के मार्ग का अनुसरण करता है। भगवान श्रीराम को जब महर्षि विश्वामित्र का सानिध्य मिला तो उन्होंने यज्ञ रक्षा करने के लिए पापी राक्षसों का नाश किया और यज्ञ संपन्न कराया। विश्व कल्याण के लिए महर्षि विश्वामित्र ने माता सीता के स्वयंवर को यज्ञ का नाम दे दिया और श्रीराम से कहा कि एक यज्ञ और संपन्न कराने के लिए मिथिला नगरी चलना है। श्रीराम यज्ञ रक्षा की बात सुन हर्षित हुए और मिथिला की तरफ महर्षि विश्वामित्र और अनुज लक्ष्मण के साथ चल पड़े। रास्ते में सुंदर पत्थर की मूर्ति देख श्रीराम ने जब महर्षि विश्वामित्र से उसके बारे में पूंछा तो उन्होंने महर्षि गौतम की की पत्नी अहिल्या की कथा सुनाई और श्रीराम क्यो अहिल्या उद्धार करने के लिए कहा। श्रीराम ने पत्थर की अहिल्या को छू कर उसका उद्धार किया। अहिल्या श्रीराम प्रभु का दर्शन पाकर भाव विभोर हो गईं और कहा कि संतों का श्राप भी जीव को बड़भागी बनाता है। महर्षि गौतम के श्राप के चलते उन्हें जगत के स्वामी के दर्शन हुए और उनका जीवन धन्य हो गया। इस मार्मिक प्रसंग को सुनकर उपस्थित श्रोता भी भाव-विभोर होकर ईश्वर की भक्ति में झूमने लगे। आगे की कथा में कथावाचक सामाजिक संत श्री रवि जी ‘समदर्शी’ जी महाराज ने बताया कि अहिल्या का उद्धार करने के बाद प्रभु श्रीराम महर्षि विश्वामित्र और भाई लक्ष्मण के साथ गंगातट पर पहुंचे और पूजा-अर्चन किया एवं महर्षि से गंगातरण की कथा सुनी। नगर में आयोजित श्रीराम कथा में भक्तों की भारी भीड़ कथा को सुनने के लिए आई थी जो ईश्वर की भक्ति के रंग में रंगती दिखाई दी। इस दौरान मुख्य यजमान विश्राम सिंह, मुख्य संयोजक सौरभ कुमार सिंह, कोषाध्यक्ष विपिन कुमार सिंह, अतुल गौड़, क्षत्रिय महासभा के नगर अध्यक्ष ओम प्रकाश सिंह चौहान, संजीव सक्सेना, जयपाल सिंह, सुदेश कुमार टिंकल, गोपाल दास शर्मा, शोभा शर्मा, रजनी सिंह, सीमा सिंह, अर्जुन सिंह राठौर, कमलेश वार्ष्णेय, टामसन माहेश्वरी, एस पी गुप्ता, राकेश सिंह, पूजा सक्सेना, अमरवती यादव, जितेंद्र पाल सिंह सहित भारी संख्या में लोग मौजूद रहें।

विज्ञापन एक्सप्रेस
No posts found.