उझानी बदांयू 5 जनवरी 2025।
पूर्णिमा व अमावस्या के अतिरिक्त हर दिन ही गंगा घाटों पर श्रद्धालु गंगा स्नान करने पहुंचते हैं। जिसके बाद वह गंदगी के ढेर छोड़ जाते हैं। मां गंगा की पुकार है कि मेरे आंचल को गंदा न करें। सफाई के लिए न श्रद्धालु इसको लेकर गंभीर न ही प्रशासन। कछला गंगा घाट पर पसरी गंदगी इसकी स्वयं गवाही दे रही है। लोगों ने कछला गंगा घाट पर साफ-सफाई कराए जाने की मांग की है।
लोगों की मान्यता है कि गंगा मैया भारतीय सांस्कृतिक वैभव, श्रद्धा एवं आस्था की प्रतीक मानी जाती है। श्रृद्धालु गंगा में डुबकी लगाकर पाप धोकर, गंदगी छोड़ रहे हैं। पूर्णिमा व सोमवती अमावस्या सहित कई विशेष तिथियों पर गंगा स्नान के लिए पहुंचे श्रद्धालु के जाने के बाद घाट पर हर तरफ गंदगी का अंबार लगा है। गंगा स्नान करने पहुंचने वाले लोगों एवं साधु संतों का कहना है कि वैसे तो लोगों की लापरवाही के कारण ही गंगा प्रदुषित हो रही है। लोग पूजा पाठ कर सामान को जल में प्रवाह व घाट पर डाल कर चले जाते हैं। वहीं प्रशासन भी साफ-सफाई को लेकर गंभीर नहीं है। घाट पर नियमित साफ-सफाई नहीं कराई जाती है। जिससे घाट पर चारों ओर गंदगी के अंबार लगे हुए है। श्रृद्धालुओं ने मांग की कि घाट पर नियमित सफाई का प्रबंध किया जाए। जिससे मां गंगा को प्रदूषित होने से बचाया जा सके।
कछला गंगा घाट की सफाई के लिए टीम बना रोज सफाई कराई जाती है, अगर कहीं गंदगी है तो व्यवस्था दुरुस्त करा दी जाएगी। घाट की सफाई व्यवस्था का विशेष ध्यान रखा जाएगा। – जगदीश सिंह लोनिया चोहान, अध्यक्ष नगर पंचायत कछला।





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