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बदांयू 25 जुलाई।
पहाड़ों में लगातार बारिश के चलते गंगा का रौद्र रूप फिर दिखने लगा है। हरिद्वार के भीमगोड़ा बैराज से गंगा में पानी का डिस्चार्ज एक दिन में करीब 5 हजार क्यूसेक बढ़ गया है। इससे बदायूं के तटीय इलाकों में जलस्तर बढ़ने की आशंका से किसानों और ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है।
सिंचाई विभाग के आंकड़ों के मुताबिक गुरुवार को हरिद्वार बैराज से 68 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा था, जो शुक्रवार को बढ़कर 73,103 क्यूसेक हो गया। वहीं नरौरा बैराज से डिस्चार्ज 55 हजार से घटकर 48,653 क्यूसेक रह गया, लेकिन हरिद्वार से अतिरिक्त पानी आने के कारण अगले 24-48 घंटे में नरौरा और कछला गंगा में फिर बढ़ोतरी तय मानी जा रही है।
बिजनौर बैराज से शुक्रवार को 53,074 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। कछला ब्रिज पर गंगा 161.97 मीटर के निशान पर बह रही है।
लगातार उतार-चढ़ाव से खादर क्षेत्र के किसान परेशान हैं। बदायूं के उसावां और दातागंज क्षेत्र से सटे गंगा किनारे के गांवों में लोग बाढ़ बचाव की तैयारी में जुट गए हैं।
उसावां के किसान विमल राघव ने बताया, “हर साल बाढ़ से फसल और रास्ते दोनों तबाह होते हैं। पिछले साल कई मार्ग कट गये थे, उसे अब तक पक्का नहीं किया गया। सिर्फ मिट्टी डालकर भर दिया है। पानी बढ़ते ही फिर बह जाएगा।
ग्रामीणों का कहना है कि बाढ़रोधी कार्य कागजों तक सीमित हैं, जमीन पर असर नहीं दिख रहा।
सिंचाई विभाग के एसडीओ ने कहा, “पहाड़ों में बारिश के कारण गंगा के जलस्तर में उतार-चढ़ाव जारी है। अभी बदायूं जिले में बाढ़ जैसी कोई स्थिति नहीं है, लेकिन हम तटवर्ती गांवों पर नजर रखे हुए हैं। राजस्व और बाढ़ चौकियों को अलर्ट पर रखा गया है।
मौसम विभाग ने अगले 2 दिन पहाड़ों में और बारिश की संभावना जताई है। ऐसे में गंगा का बहाव और बढ़ सकता है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे नदी किनारे न जाएं और अफवाहों पर ध्यान न दें।
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