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उझानी में उमड़ा वैश्य समाज का अभूतपूर्व जनसैलाब, भामाशाह को दी श्रद्धांजलि।

माननीय मुख्य सूचना आयुक्त स्वतंत्र प्रकाश गुप्ता रहे मुख्य अतिथि, समाज ने सरकार के समक्ष रखीं चार सूत्रीय मांगें।

उझानी (बदायूँ) 6 जुलाई।

राष्ट्रभक्त, दानवीर शिरोमणि सेठ श्री भामाशाह जी की जयंती के पावन अवसर पर अखिल भारतीय माहौर वैश्य युवा समिति, उझानी के तत्वावधान में नगर में भव्य शोभायात्रा, महासम्मेलन एवं सम्मान समारोह का आयोजन उत्साह, अनुशासन एवं सामाजिक एकता के अद्भुत वातावरण में सम्पन्न हुआ। हजारों की संख्या में महिला, पुरुष, युवा एवं बच्चों ने सहभागिता कर यह संदेश दिया कि वैश्य समाज अपने गौरवशाली इतिहास, सांस्कृतिक विरासत एवं राष्ट्रनिर्माण की परम्परा को नई पीढ़ी तक पहुँचाने के लिए पूर्णतः संकल्पित है।

कार्यक्रम की शुरुआत सायं नवीन मंडी स्थल, से भव्य शोभायात्रा के साथ हुई। शोभायात्रा घंटाघर चौराहे नगर वासियों ने स्वागत किया। घंटाघर चौराहे पर क्षत्रिय समाज सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों द्वारा भव्य स्वागत किया गया। संपूर्ण नगर में भगवा ध्वज, जयघोष और राष्ट्रभक्ति के नारों से वातावरण गुंजायमान रहा।

भगवानदास पैलेस में आयोजित विशाल महासम्मेलन में जहाँ समाज के हजारों लोगों की उपस्थिति ने आयोजन को ऐतिहासिक स्वरूप प्रदान किया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश राज्य सूचना आयोग के माननीय मुख्य सूचना आयुक्त स्वतंत्र प्रकाश गुप्ता रहे। उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा कि राष्ट्रभक्त दानवीर श्री भामाशाह केवल वैश्य समाज के नहीं, बल्कि सम्पूर्ण राष्ट्र के प्रेरणास्रोत हैं। उनका जीवन त्याग, राष्ट्रभक्ति, सेवा, समर्पण एवं सामाजिक उत्तरदायित्व का अनुपम उदाहरण है। उन्होंने समाज से शिक्षा, संस्कार, संगठन और राष्ट्रहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का आह्वान किया।

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता मनोज कृष्ण गुप्ता ने अपने ओजस्वी उद्बोधन में महाराणा प्रताप और श्री भामाशाह के ऐतिहासिक संबंधों का उल्लेख करते हुए कहा कि यदि भामाशाह का त्याग और आर्थिक सहयोग न होता तो भारतीय इतिहास की अनेक गौरवगाथाएँ अधूरी रह जातीं। उन्होंने युवाओं से अपने महापुरुषों के जीवन से प्रेरणा लेकर समाज सेवा एवं राष्ट्र निर्माण में अग्रणी भूमिका निभाने का आह्वान किया।

इस अवसर पर आयोजित “दीप से दीप प्रज्ज्वलन” समारोह कार्यक्रम का सर्वाधिक आकर्षण रहा। सभागार की रोशनी मंद किए जाने के पश्चात समिति के अध्यक्ष अभिषेक गुप्ता ने माननीय मुख्य अतिथि स्वतंत्र प्रकाश गुप्ता की मोमबत्ती प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारम्भ कराया। इसके बाद मुख्य अतिथि ने अन्य अतिथियों की मोमबत्तियाँ प्रज्ज्वलित कीं और फिर यह प्रकाश एक-एक कर पूरे सभागार में उपस्थित प्रत्येक समाजबंधु तक पहुँचा। कुछ ही क्षणों में पूरा सभागार दीपों की दिव्य आभा से आलोकित हो उठा। तत्पश्चात सभी समाजबंधुओं ने एक साथ भामाशाह जी के चित्र के समक्ष अपनी प्रज्वलित मोमबत्तियाँ अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। यह दृश्य उपस्थित जनसमूह के लिए अत्यंत भावुक, प्रेरणादायी एवं अविस्मरणीय बन गया।

कार्यक्रम में बालिका अनन्या गुप्ता द्वारा महाराणा प्रताप एवं दानवीर श्री भामाशाह पर आधारित भावपूर्ण गीत की प्रस्तुति ने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया, जिस पर सभागार देर तक तालियों की गड़गड़ाहट से गूँजता रहा।

कार्यक्रम की अध्यक्षता के लिए नंदकिशोर गुप्ता का नाम सदन से प्रस्तावित किया गया, अनुमोदन उझानी के अध्यक्ष अभिषेक गुप्ता के साथ उपस्थित सभी जनसमूह ने करतल ध्वनि से स्वागत किया । आयोजन की सम्पूर्ण रूपरेखा एवं सफल संचालन में कार्यक्रम संयोजक संजीव गुप्ता का विशेष योगदान रहा। आयोजन समिति में
शंकर गुप्ता , सुमित गुप्ता, रवि गुप्ता डिंपल गुप्ता, नरेश गुप्ता, शंकर रुद्र गुप्ता एवं सुधांशु गुप्ता एडवोकेट ने कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

कार्यक्रम में समाज के वरिष्ठजनों, विभिन्न नगर इकाइयों के प्रतिनिधियों एवं समाजसेवियों का प्रतीक चिन्ह एवं अंगवस्त्र भेंट कर सम्मान किया गया। आयोजकों का मानना था कि जो समाज अपने वरिष्ठजनों का सम्मान करता है, वही समाज अपने संस्कारों को आने वाली पीढ़ियों तक सुरक्षित रख पाता है।

इस अवसर पर बदायूँ, कादरचौक, लभारी, इस्लामनगर, अलापुर, बिसौली, वजीरगंज, ककराला, कुमारगंज सहित जनपद एवं आसपास के अनेक नगरों और कस्बों से बड़ी संख्या में माहौर वैश्य समाज के प्रतिनिधि अपने परिवारों सहित उपस्थित रहे। दूर-दराज़ से आए समाजबंधुओं की उपस्थिति ने कार्यक्रम को जनपद के सबसे बड़े सामाजिक आयोजनों में शामिल कर दिया।

कार्यक्रम में प्रमुख रूप से अभिषेक गुप्ता, नन्दकिशोर गुप्ता, अमित गुप्ता, अशोक गुप्ता, श्रवण गुप्ता, विश्वनाथ माहौर, अर्पित गुप्ता, दिनेश गुप्ता, सुमित गुप्ता, भगवान स्वरूप गुप्ता, शिवशंकर गुप्ता, नरेन्द्र गुप्ता, प्रदीप गुप्ता, स्वरूप गुप्ता, विक्रांत गुप्ता, अरविन्द गुप्ता, सुरेन्द्र कुमार गुप्ता, रवि गुप्ता सहित हजारों समाजबंधु उपस्थित रहे।

इसके अतिरिक्त आयोजन समिति एवं समाज के माखनलाल गुप्ता, कादरचौक से राकेश कुमार गुप्ता, सरस गुप्ता, मुकेश कुमार गुप्ता, दीपक गुप्ता, के.के. गुप्ता, सभासद राकेश रमन गुप्ता, वैभव गुप्ता, अधिवक्ता नरेन्द्र कुमार गुप्ता, विजय कुमार गुप्ता (बदायूँ), प्रिंस गुप्ता, अमित गुप्ता, रामकृष्ण गुप्ता (बदायूँ), अंश गुप्ता, शिव कुमार गुप्ता, राजेश गुप्ता, राज गुप्ता, वीरेश गुप्ता सहित अनेक समाजसेवियों की उल्लेखनीय सहभागिता रही।

इस अवसर पर पूर्व ब्लॉक प्रमुख राकेश गुप्ता, बदायूँ के प्रतिष्ठित समाजसेवी एवं व्यापारी के.वी. गुप्ता, शिव स्वरूप गुप्ता, सीए रुद्र गुप्ता अजय कुमार गुप्ता,अनिल कुमार गुप्ता, व्यापार मंडल के सर्वेश गुप्ता (अलापुर) सहित विभिन्न नगर इकाइयों के अध्यक्षों एवं पदाधिकारियों का भी विशेष सम्मान किया गया।

कार्यक्रम का प्रभावशाली एवं गरिमामय संचालन संतोष कुमार गुप्ता ने किया, जबकि अंत में संजीव गुप्ता, सुधांशु गुप्ता एवं समिति के पदाधिकारियों ने सभी अतिथियों, समाजबंधुओं, सहयोगियों, मीडिया प्रतिनिधियों एवं स्वयंसेवकों का आभार व्यक्त किया।

सरकार के समक्ष रखी गई चार सूत्रीय माँगें

महासम्मेलन में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि वैश्य समाज की भावनाओं एवं राष्ट्रभक्त दानवीर श्री भामाशाह जी के ऐतिहासिक योगदान को सम्मान देने हेतु शीघ्र ही जनप्रतिनिधियों के माध्यम से राज्य सरकार को चार सूत्रीय ज्ञापन प्रेषित किया जाएगा। प्रमुख माँगें निम्नलिखित हैं—

श्री भामाशाह जयंती पर उत्तर प्रदेश में सार्वजनिक अवकाश घोषित किया जाए।

एनसीईआरटी एवं अन्य शैक्षणिक पाठ्यक्रमों में महाराणा प्रताप एवं श्री भामाशाह जी के जीवन, संघर्ष, त्याग और राष्ट्रनिर्माण में उनके योगदान को प्रमुखता से शामिल किया जाए।

वैश्य समाज को उसकी जनसंख्या के अनुपात में राजनीतिक प्रतिनिधित्व एवं उचित भागीदारी सुनिश्चित की जाए।

बदायूँ के भामाशाह चौक की तर्ज पर प्रदेश के प्रमुख नगरों एवं कस्बों में श्री भामाशाह जी की प्रतिमा, स्मारक, पार्क अथवा प्रमुख मार्ग उनके नाम पर स्थापित किए जाएँ।

वक्ताओं ने कहा कि भामाशाह केवल एक समाज के महापुरुष नहीं, बल्कि सम्पूर्ण भारत की राष्ट्रभक्ति, त्याग और लोककल्याण की जीवंत प्रेरणा हैं। उनके आदर्शों को जन-जन तक पहुँचाना समय की आवश्यकता है।

कार्यक्रम राष्ट्रभक्ति, सामाजिक समरसता, अनुशासन एवं उत्साह के वातावरण में सम्पन्न हुआ। अंत में उपस्थित हजारों समाजबंधुओं ने एक स्वर में संकल्प लिया कि दानवीर शिरोमणि श्री भामाशाह जी के आदर्शों—त्याग, सेवा, राष्ट्रभक्ति, शिक्षा, सामाजिक एकता एवं जनकल्याण—को प्रत्येक घर तक पहुँचाने का अभियान निरंतर चलाया जाएगा तथा समाज की भावी पीढ़ी को अपने गौरवशाली इतिहास से परिचित कराया जाएगा।

राजेश वार्ष्णेय एमके

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