उझानी: हादसे के बाद भी हाईवे पर मौत बनकर दौड़ रहे ट्रैक्टर-ट्रॉली, बेलगाम ई-रिक्शा ।
उझानी बदायूं 18 जून 2026।
बदायूं जिले में हादसों का सिलसिला थम नहीं रहा, मगर प्रशासन की कार्रवाई अब भी सुस्त है। उझानी से बदायूं तक स्टेट हाईवे और लिंक रोड पर ट्रैक्टर-ट्रॉली और ई-रिक्शा नियमों को रौंदते हुए फर्राटा भर रहे हैं।
कल ही उझानी में बरेली मथुरा हाइवे पर गांव फूलपुर के पास हाईवे पर रेस लगा रहे दो ट्रैक्टरों ने ई-रिक्शा को कुचल दिया था। इस हादसे में कछला के मुरावन नगला की 6 महिलाओं की मौके पर ही मौत हो गई। इसके बावजूद उझानी-बदायूं रोड पर हालात जस के तस हैं।


उझानी क्षेत्र में भी ट्रैक्टर-ट्रॉलियों का व्यावसायिक इस्तेमाल धड़ल्ले से हो रहा है। रेत, मिट्टी, ईंट-गिट्टी की ढुलाई दिन-रात जारी है। ट्रॉलियों में 30-40 सवारियां बैठाकर ले जाई जा रही हैं। रात में बिना रिफ्लेक्टर के दौड़ती ये ट्रॉलियां हादसे को न्योता दे रही हैं।
डीएम के आदेश के बाद भी उझानी से बदायूं, कछला और कादरचौक रूट पर ई-रिक्शा हाईवे पर दौड़ रहे हैं। इनमें सवारी के साथ भारी सामान, सरिया और लकड़ी तक लादी जा रही है।


कादरचौक,कछला उझानी-बदायूं रोड पर रात में रेत-मिट्टी से भरी ओवरलोड ट्रॉलियां तेज रफ्तार से निकलती हैं। बिना नंबर प्लेट और रिफ्लेक्टर के चल रहीं ये ट्रॉलियां सबसे बड़ा खतरा हैं। गंगा घाट या धार्मिक स्थलों पर जाने के लिए भी ग्रामीण ट्रैक्टर-ट्रॉली का ही सहारा ले रहे हैं।
एडीएम प्रशासन का कहना है कि सड़क सुरक्षा समिति में लगातार निर्देश दिए जा रहे हैं। अभियान चलाकर जिम्मेदारी तय होगी। वहीं एआरटीओ प्रवर्तन के अनुसार व्यावसायिक उपयोग पर 30-50 हजार जुर्माना है और चालान लगातार किए जा रहे हैं।
उझानी में 6 महिलाओं की मौत के बाद भी अगर उझानी-बदायूं रोड पर ट्रैक्टर-ट्रॉली और ई-रिक्शा बेलगाम हैं, तो अगला हादसा कब होगा ? आदेश कागजों से निकलकर सड़क पर कब दिखेगा, यह बड़ा सवाल है।
राजेश वार्ष्णेय एमके।
badaunexpress.com badaunexpress.com | www.badaunexpress.com

