हाइवे पर बिखरी मक्का बनी यमराज, पलटते ही चीखों से गूंजा हाईवे: ई-रिक्शा आ गिरा, 6 महिलाओं ने तोड़ा दम।
उझानी-बदांयू,17 जून।
सामने ट्रैक्टर, नीचे बिखरी मक्का और बगल में निर्माण सामग्री। बचने की कोई जगह नहीं थी। ट्रैक्टर की टक्कर लगते ही सवारियों से भरा ई-रिक्शा पलटकर सड़क पर आ गिरा। पल भर में 6 महिलाओं की चीखें हमेशा के लिए खामोश हो गईं।
कैसे हुआ हादसा
मक्का बना जाल- हाईवे की एक साइड निर्माण के चलते बंद है। खुली साइड पर किसानों ने मक्का सुखाने के लिए फैला रखी थी। जगह जगह मोड़ के संकेतक भी आधे-अधूरे थे।
ओवरलोड ई-रिक्शा कछला के मुरावन नगला से 6 महिलाओं सहित दो अन्य को लेकर उझानी के गठौना गांव भात मांगने जा रहा था। कछला और फूलपुर की पुलिस पिकेट के सामने से गुजरा, पर किसी ने नहीं रोका।
ट्रैक्टरों की रेस- मक्का डालने आए दो ट्रैक्टर चालकों में बहस हुई। फिर दोनों ने रेस लगा दी। मक्का बचाने के चक्कर में एक ट्रैक्टर ने ई-रिक्शा को साइड मारी। ई-रिक्शा अनियंत्रित होकर सड़क पर बिखरी मक्का पर फिसला और आ गिरा। तभी पीछे से आ रहे दूसरे ट्रैक्टर ने उसे कुचल दिया।
मुरावन नगला में मातम।
मृतक राजकुमारी (55)पत्नी डालसिंह, मुरावन नगला, कछला।
गंगा श्री (32) पत्नी वीरपाल, मुरावन नगला, कछला,
रेवती (80) पत्नी रामचंद्र, मुरावन नगला, कछला।
प्रेमा देवी (45) पत्नी रामचंद्र सिंह, मुरावन नगला, कछला।
नारायणी देवी (32) पत्नी जितेंद्र, गुलाबगड़ी, व आरती 30 की मौके पर ही मौत।
गांव में सिर्फ सन्नाटा
हादसे के बाद मुरावन नगला में शादी वाले घर में मातम पसर गया। गम इतना भारी कि आज पूरे गांव में एक भी चूल्हा नहीं जला।
कौन है जिम्मेदार




हाईवे को खलिहान बनाने वाले किसान ।
आंख मूंदे बैठी पुलिस पिकेट।
ओवरलोडिंग पर चुप परिवहन विभाग ।
सडक पर आधे-अधूरे संकेतक न लगाने वाला एनएचएआई।
डीएम-एसएसपी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया। लेकिन सवाल वही: हाईवे पर मक्का और ओवरलोड ई-रिक्शा का ये खूनी खेल कब रुकेगा?।
राजेश वार्ष्णेय एमके।
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