युद्ध की तपिश अब ड्रेसिंग टेबल तक, साबुन-क्रीम का वजन घटा, दाम बढ़े।
उझानी (बदायूं) 13 जून।
अमेरिका-ईरान युद्ध का असर अब उझानी के बाजारों में भी साफ दिखने लगा है। रसोई के बाद महंगाई की मार अब सजने-संवरने के सामान पर पड़ रही है। पेट्रोल-डीजल के बढ़े दाम और पाम ऑयल आयात में दिक्कत के चलते कॉस्मेटिक कंपनियों ने नया फॉर्मूला अपनाया है – दाम वही, वजन कम।
स्थानीय कॉस्मेटिक विक्रेता अन्नू वार्ष्णेय ने बताया कि कंपनियां सीधे रेट बढ़ाने के बजाय प्रोडक्ट का वजन घटा रही हैं। 10 रुपये वाला नहाने का साबुन जो पहले 62 ग्राम आता था, अब नए स्टॉक में 44 ग्राम का ही मिल रहा है। दूसरे ब्रांड का 10 रुपये वाला साबुन भी 52 ग्राम से घटकर 47 ग्राम रह गया है।

फेयरनेस क्रीम का 72 रुपये वाला पैक 27 ग्राम से घटकर 25 ग्राम हो गया है। 355 रुपये वाली लिपस्टिक अब 375 रुपये में मिल रही है और वजन भी 8.7 ग्राम से घटकर 7.9 ग्राम रह गया है। टेल्कम पाउडर 300 ग्राम का पैक 190 रुपये से बढ़कर 210 रुपये हो गया है।
महंगाई से पुरुष भी अछूते नहीं। 70 ग्राम शेविंग क्रीम 80 से बढ़कर 88 रुपये की हो गई है। 100 एमएल ऑफ्टरशेव लोशन 499 रुपये से बढ़कर 545 रुपये पहुंच गया।
उझानी की ब्यूटी पार्लर संचालिका नंदिनी शर्मा ने कहा कि अभी शादियों का सीजन नहीं है, इसलिए रेट नहीं बढ़ाए। लेकिन प्रोडक्ट महंगे हो गए हैं। सीजन शुरू होते ही मेकअप के रेट रिवाइज करने पड़ेंगे।
कारोबारियों का कहना है कि युद्ध के चलते कच्चे माल की सप्लाई बाधित है। पाम ऑयल, जो ज्यादातर साबुन-क्रीम में इस्तेमाल होता है, उसके आयात में दिक्कत आ रही है। साथ ही ट्रांसपोर्ट महंगा होने से लागत बढ़ गई है।
फिलहाल सहालग न होने से बाजार में मांग कम है, लेकिन व्यापारी मान रहे हैं कि त्योहारी सीजन आते ही ग्राहकों पर महंगाई का असर और साफ दिखेगा।
राजेश वार्ष्णेय एमके।
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