5:51 pm Monday , 27 July 2026
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दरोगा मेघश्याम गौतम मौत मामला: परिजनों ने प्रभारी इंस्पेक्टर पर लगाए मानसिक प्रताड़ना के आरोप, कॉल रिकॉर्डिंग समेत साक्ष्य सौंपने की तैयारी

बदायूं

दरोगा मेघश्याम गौतम मौत मामला: परिजनों ने प्रभारी इंस्पेक्टर पर लगाए मानसिक प्रताड़ना के आरोप, कॉल रिकॉर्डिंग समेत साक्ष्य सौंपने की तैयारी

केशव गुप्ता

बदायूं। न्यायालय सुरक्षा में तैनात दरोगा मेघश्याम गौतम की संदिग्ध परिस्थितियों में फांसी लगने से हुई मौत का मामला अब गंभीर मोड़ पर पहुंच गया है। मृतक दरोगा के परिजनों ने न्यायालय सुरक्षा प्रभारी इंस्पेक्टर शाहिद अली पर मानसिक प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों का कहना है कि लगातार दबाव और उत्पीड़न के चलते ही मेघश्याम गौतम ने आत्मघाती कदम उठाया। मामले में परिजनों ने पुलिस प्रशासन को तहरीर देकर निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
परिजनों के अनुसार मेघश्याम गौतम काफी समय से अपने प्रभारी अधिकारी के व्यवहार से परेशान चल रहे थे। उन्होंने कई बार परिवार के सदस्यों से अपनी मानसिक पीड़ा साझा की थी। आरोप है कि लगातार मिल रही प्रताड़ना और मानसिक दबाव ने उन्हें इस कदर तोड़ दिया कि उन्होंने अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। परिजनों ने दावा किया है कि उनके पास कुछ कॉल रिकॉर्डिंग और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य मौजूद हैं, जो उनके आरोपों की पुष्टि कर सकते हैं। इन साक्ष्यों को जल्द ही जांच अधिकारियों को सौंपा जाएगा।
गौरतलब है कि थाना सिविल लाइन क्षेत्र की मधुबन कॉलोनी में किराये के मकान में रह रहे दरोगा मेघश्याम गौतम का शव उनके कमरे में फंदे से लटका मिला था। वह न्यायालय सुरक्षा में तैनात थे और अकेले रहते थे। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था। प्रारंभिक तौर पर मामला आत्महत्या का माना गया, लेकिन अब परिजनों के आरोपों ने पूरे घटनाक्रम को नया आयाम दे दिया है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा ने कहा कि परिजनों की ओर से तहरीर प्राप्त हो चुकी है और उनके द्वारा उपलब्ध कराए जाने वाले सभी साक्ष्यों की निष्पक्ष एवं गहन जांच कराई जाएगी। एसएसपी ने बताया कि अब तक विभागीय रिकॉर्ड में इस संबंध में कोई पूर्व शिकायत दर्ज नहीं मिली है, लेकिन जांच के दौरान जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
उधर, इस घटना के बाद पुलिस विभाग में भी हलचल तेज हो गई है। विभागीय स्तर पर मामले की जांच शुरू कर दी गई है और परिजनों द्वारा उपलब्ध कराए जाने वाले डिजिटल एवं अन्य साक्ष्यों की पड़ताल की जा रही है। वहीं मृतक दरोगा के परिवार में गहरा शोक और आक्रोश व्याप्त है। परिजन दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
दरोगा मेघश्याम गौतम की मौत अब केवल आत्महत्या का मामला नहीं रह गई है, बल्कि यह पुलिस विभाग के भीतर कार्यस्थल पर मानसिक दबाव और वरिष्ठ अधिकारियों के व्यवहार से जुड़े गंभीर सवाल भी खड़े कर रही है। ऐसे में जांच रिपोर्ट का सभी को इंतजार है, जो इस मामले की वास्तविक सच्चाई सामने ला सकती है।

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