उझानी में महंगाई का करंट: पेट्रोल-डीजल के बाद अब आटा-दाल ने दिया झटका।
20 दिन में 8 रुपये महंगा हुआ ईंधन, चाय से साबुन तक सबके दाम में उछाल।
उझानी, बदायूं 1 जून।
डीजल-पेट्रोल के दामों में लगी आग अब सीधे उझानी की रसोई तक पहुंच गई है। पिछले 20 दिनों में 8 रुपये की बढ़ोतरी ने बाजार को झुलसा दिया है। ढुलाई महंगी होते ही कंपनियों ने दाम बढ़ा दिए या पैकेट का वजन घटा दिया। नतीजा—सुबह की चाय से लेकर रात की दाल तक सब महंगी हो गई।
फुटकर बाजार में 40 रुपये किलो बिकने वाली चीनी अब 45 रुपये की हो गई। आधा लीटर दूध 35 से 37 रुपये पहुंच गया। चायपत्ती का रेट नहीं बढ़ा, मगर 250 ग्राम के पैकेट में अब 230 ग्राम ही मिल रही है। नहाने का 100 ग्राम साबुन 90 ग्राम का कर दिया गया। एक किलो सर्फ 70 से 78, अरहर दाल 105 से 115 और सरसों का तेल 15 से 20 रुपये प्रति लीटर महंगा हो गया।
किराना कारोबारी महेश माहेश्वरी कहते हैं, “50 किलो चीनी की बोरी 2100 की जगह 2230 रुपये में मिल रही है। थोक में ही महंगाई है तो फुटकर में क्या करेंगे?”
ट्रांसपोर्टर अमन अदलक्खा बताते हैं कि लखनऊ से उझानी आने वाली पिकअप का खर्च 3500 से बढ़कर 4500 रुपये हो गया है। “10 फीसदी भाड़ा बढ़ाना मजबूरी है। बार-बार किराया नहीं बढ़ा सकते, एकमुश्त बढ़ोतरी होगी। इसका असर फिर हर सामान पर पड़ेगा।”


“कमाई वही, खर्च डबल। घर का बजट पूरी तरह बिगड़ गया।” अमित माहेश्वरी, व्यापारी उझानी।
“सिलिंडर पहले से महंगा, अब चीनी-दाल-तेल सब महंगा। रसोई कैसे चलेगी?” रामेश्वरी, ग्रहणी उझानी।
“10 हजार में जो घर चलता था, अब 15 हजार भी कम पड़ रहे। महंगाई ने कमर तोड़ दी।” प्रदीप शर्मा, उझानी।
बाजार जानकारों की मानें तो भाड़ा बढ़ते ही महंगाई का दूसरा झटका लगेगा। फिलहाल उझानी में जेब से लेकर चूल्हे तक, हर जगह महंगाई का करंट दौड़ रहा है।
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राजेश वार्ष्णेय एमके।
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