बैंक अफसर बनकर आया लुटेरा: उझानी में दंपति को नशीला पदार्थ खिलाकर लाखों का माल उड़ाया।
उझानी, बदायूं 9 मई।
दो दिन की पहचान और एक रात का खेल। अहिरटोला में बैंक की नौकरी का झांसा देकर घुसे किराएदार ने बुजुर्ग दंपति को ऐसा चूना लगाया कि जिंदगी भर याद रहेगा। शुक्रवार की काली रात में नशा सुंघाकर 40 हजार कैश और लाखों के गहने समेटे, और बीवी के साथ नौ दो ग्यारह हो गया।
जानकारी के अनुसार ज्ञान पाल सिंह और पत्नी सविता देवी घर में अकेले थे। बेटा नवरत्न अलग रहता है। अकेलेपन से परेशान दंपति को बैंक वाला ‘अफसर’ मिला तो फौरन कमरा दे दिया। असली खेल शुक्रवार को शुरू हुआ।
‘साहब’ अपनी ‘नौकरानी’ लेकर पहुंचा। रात होते ही दोनों ने मीठी बातों में नशा घोल दिया। दंपति बेहोश हुए, और लुटेरी जोड़ी ने अलमारी-बक्से के ताले चटका दिए। कैश, सोना, चांदी सब समेटकर रातोंरात रफूचक्कर।

शनिवार सुबह पड़ोसी ने दरवाजा खटखटाया। कोई हलचल नहीं। अंदर गए तो दंपति बेसुध पड़े थे। चीख-पुकार मची। बेटे को बुलाया गया। आनन-फानन में सीएचसी ले गए। हालत बिगड़ी तो सीधे मेडिकल कॉलेज रैफर। 24 घंटे बाद भी दोनों को होश नहीं।
सूचना पर पुलिस पहुंची तो सीन देखकर दंग। कमरा अस्त-व्यस्त, ताले टूटे। मगर लुटेरा एक सुराग छोड़ गया: अपना आधार कार्ड। नाम निकला मुनीश, पिता विजय, पता बंसतपुर डंडा, संभल। अब पुलिस आधार वाले ‘बैंक अफसर’ को ढूंढ रही है।
बेटा नवरत्न बोला, “पापा ने जिंदगी में कभी किराएदार नहीं रखा। दो दिन पहले ही रखा और ये दिन देखना पड़ा।”
राजेश वार्ष्णेय एमके।
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