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उझानी में बंदरों से कौन दिलाएगा निजात, विभागों में खींचतान

उझानी में बंदरों से कौन दिलाएगा निजात, विभागों में खींचतान।

उझानी-बदांयू 27 अप्रैल।

शहर सहित देहात क्षेत्र में बंदरों का खौफ लगातार बढ़ता जा रहा है। औसतन रोजाना 50 लोग इनका शिकार बन रहे हैं। शासन स्तर से बेहद गंभीर परिस्थितियों में बंदरों को मारने के आदेश जारी होने के बाद भी जिम्मेदार विभाग नगर पालिका व वनविभाग के बीच तालमेल नहीं बन पा रहा है। इसलिए कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो पा रही है।

इस मुद्दे पर वन विभाग और नगर पालिका के बीच जिम्मेदारी को लेकर खींचतान जारी है। नगर पालिका के कर्मचारी बंदरों को पकड़ने या मारने की जिम्मेदारी लेने को तैयार नहीं हैं और इसे वन विभाग का कार्य बता रहे हैं। इधर, वन विभाग का कहना है कि बंदर वन्य जीव की श्रेणी में नहीं आते, इसलिए यह कार्य नगर निकायों का है। विभाग की ओर से केवल तकनीकी सहयोग देने की बात कही जा रही है।

इधर, लोग बंदरों के डर से घरों में कैद होकर रह गए हैं। परिजन बच्चों और बुजुर्गों को बाहर भेजने में डरते हैं। कई मोहल्लों में लोगों ने अपने घरों की छतों और खिड़कियों पर लोहे के जाल लगवा दिए हैं, तो कहीं बिजली के झटके वाले तार लगाए गए हैं। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर बंदरों के काटे लोगों की वैक्सीन लगवाने को प्रतिदिन लाइन नजर आती है। जबकि जिम्मेदार विभागों ने मौन धारण कर रखा है, आखिर इन बंदरों से जनता को कोन निजात दिलाएगा।

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