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दुल्हनों की कलाइयों पर छाया कश्मीरी चूड़ियों का जादू

दुल्हनों की कलाइयों पर छाया कश्मीरी चूड़ियों का जादू ।

उझानी-बदांयू 22 अप्रैल।

इस सहालग के सीजन में कश्मीरी चूड़ियों ने दुल्हनों की कलाइयों पर अपना खास रंग जमा लिया है। चूड़ियों पर पारंपरिक कारीगरी, आधुनिक शैली और किफायती दाम का अनूठा संगम खूब पसंद आ रहा है। सोशल मीडिया और ब्राइडल फोटो शूट्स के बढ़ते प्रभाव के कारण इनकी मांग में जबरदस्त उछाल आया है, जिसने बाजारों में बिक्री को नई गति दी है।

कश्मीरी चूड़ियों की सबसे बड़ी खासियत उनकी सादगी में छिपी खूबसूरती है। इनकी हल्की बनावट, चमकदार फिनिश और विभिन्न रंगों की विविधता इन्हें लंबे समय तक पहनने के लिए आरामदायक बनाती है। यही गुण इन्हें दुल्हनों के साथ-साथ शादी-विवाह में शामिल होने वाली युवतियों के लिए भी पसंदीदा बना रहे हैं, जो इन्हें अपने लुक का अहम हिस्सा बनाना चाहती हैं।

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परंपरागत रूप से, चूड़ियों के रंग गहरे और पारंपरिक हुआ करते थे। हालांकि, इस बार रंगों की पसंद में एक महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिल रहा है। जहां पहले गहरे रंग हावी थे, वहीं अब पेस्टल और सॉफ्ट टोन की चूड़ियां तेजी से लोकप्रिय हो रही हैं। लाल और मैहरून जैसे रंगों के साथ-साथ पेस्टल शेड्स की बढ़ती मांग यह दर्शाती है कि ग्राहक अब परंपरा और आधुनिकता के बीच एक संतुलित मिश्रण की तलाश में हैं।

इस ट्रेंड को बढ़ावा देने में सोशल मीडिया की बड़ी भूमिका है। ब्राइडल फोटो शूट्स और वेडिंग रील्स में कश्मीरी चूड़ियों की बढ़ती उपस्थिति ने इन्हें एक ”मस्ट-हैव” एक्सेसरी बना दिया है। अब ग्राहक अक्सर बाजार आने से पहले ही अपनी पसंद के डिजाइन और स्टाइल को ऑनलाइन तय कर लेते हैं, जिसके कारण दुकानदारों को भी अपनी उत्पाद शृंखला को विविधतापूर्ण बनाना पड़ रहा है।

व्यापारियों के अनुसार, इनकी लोकप्रियता का एक प्रमुख कारण इनके किफायती दाम हैं। कम कीमत में आकर्षक और ट्रेंडी लुक प्रदान करने के कारण ये चूड़ियां गिफ्ट आइटम के तौर पर भी खूब पसंद की जा रही हैं, जिससे कुल बिक्री में वृद्धि हुई है। बाजार में 12 चूड़ियों की एक डिब्बी मात्र 40 से 150 रुपये तक में उपलब्ध है।

विक्रेता अन्नू वार्ष्णेय के मुताबिक, कम दाम में बेहतरीन और फैशनेबल लुक मिलने के कारण लोग इन्हें उपहार के रूप में भी खरीद रहे हैं, जिससे इनकी बिक्री और बढ़ गई है।

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राजेश वार्ष्णेय एमके।

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