वास्तविक धनवान वह है जो निर्लोभी है : आचार्य संजीव रूप
बिल्सी। तहसील क्षेत्र के गांव गुधनी स्थित प्रज्ञा यज्ञ मंदिर में रविवार को आर्य समाज का साप्ताहिक सत्संग श्रद्धा और भक्ति के साथ आयोजित किया गया। इस दौरान अथर्ववेद के 101 मंत्रों के उच्चारण के साथ विश्व शांति की कामना करते हुए यज्ञ में आहुतियां दी गईं। अंतर्राष्ट्रीय वैदिक विद्वान आचार्य संजीव रूप ने यज्ञ संपन्न कराते हुए कहा कि सच्चा शक्तिशाली वही व्यक्ति है। जो किसी से ईर्ष्या और द्वेष नहीं करता। उन्होंने कहा कि मनुष्य की वास्तविक समृद्धि धन से नहीं, बल्कि उसके निर्लोभी और विनम्र स्वभाव से आंकी जाती है। अहंकार रहित और सरल स्वभाव वाला व्यक्ति ही समाज में प्रिय होता है। उन्होंने क्रोध और कामवासना से दूर रहकर सत्य के मार्ग पर चलने का संदेश दिया। कहा कि सत्यवादी व्यक्ति ही ईश्वर के निकट होता है। कार्यक्रम में तान्या रानी ने वेद पाठ किया, जबकि आर्य संस्कारशाला के बच्चों ने भजन प्रस्तुत कर वातावरण को भक्तिमय बना दिया। इस मौके पर राकेश आर्य, अगरपाल सिंह, विचित्र पाल सिंह, पंजाब सिंह, सरोज देवी, सूरजवती देवी, अंजली आर्य, उर्वशी आर्य, नीरेश आर्य सहित अन्य श्रद्धालु उपस्थित रहे।
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