8:38 am Thursday , 30 July 2026
BREAKING NEWS

सर्जिकल उपकरणों सहित सिरिंज के रेटों में हुआ इजाफा

अमेरिका इस्राइल और ईरान में युद्ध- भारत के मरीजों की जेब पर भारी।

सर्जिकल उपकरणों सहित सिरिंज के रेटों में हुआ इजाफा।

बदांयू 22 मार्च।

इस्राइल-ईरान के युद्ध की आंच मरीजों के इलाज तक आ पहुंची है। मरीजों को लगने वाली सिरिंज हो या फिर अन्य सर्जिकल आइटम सभी पर 10 से 20 फीसदी तक का इजाफा हुआ है। ऐसे में मरीजों को इलाज कराना महंगा पड़ रहा है।

दाम बढ़ने की वजह से सर्जिकल कारोबारी कच्चा माल की आवक कम होना बता रहे हैं। सिरिंज में इस्तेमाल होने वाला कच्चा माल चीन से आता है। युद्ध की वजह से वहां से माल कम मात्रा में आ रहा है। इसके चलते सर्जिकल आइटम के उत्पादन काफी कम हो रहा है। सिरिंज के साथ कैनुला, आईवी फ्लूइड की बोतल, ग्लव्स, थर्मामीटर, एक्सरे फिल्म के दाम में इजाफा हुआ है। सर्जिकल आइटम के कारोबारियों का कहना है कि स्वास्थ्य सेवाएं भी इससे अभी तक अछूती नहीं रहीं।

-एैसे बढ रहे दाम-

बढ़ोतरी 15 दिन पहले 100 पीस सिरिंज का पैकेट करीब 110 रुपये में उपलब्ध था, लेकिन अब इसकी कीमत 130 से 140 तक पहुंच गई है। इसी तरह अस्पतालों में और क्लीनिकों में रोजाना इस्तेमाल होने वाला आईवी फ्लूइड जो पहले 20 रुपये में मिलता, अब इसकी कीमत 24 से 25 रुपये की हो गई है। इसका बंडल 440 रुपये तक में मिल रहा है, जो पहले 400 रुपये तक मिल जाता था। इनके अलावा थर्मामीटर पहले 50 रुपये में आ जाता था, जो अब 60 से 70 रुपये में मिल रहा है। ग्लव्स के रेट में भी 10 फीसदी तक की बढ़ोतरी हुई है।
————

सर्जिकल आइटम अस्पतालों में इस्तेमाल होते हैं। इसके बिना डॉक्टर मरीज की सर्जरी नहीं कर सकते। छोटा सा ऑपरेशन भी करते हैं तो सर्जिकल आइटम जरूरी है। कई अस्पतालों ने सर्जिकल आइटम के दाम भी मरीज से लेना शुरू कर दिया है। यानी इलाज महंगा कर दिया है। इसका सीधा असर मरीजों की जेब पर पड़ रहा है।————-

सर्जिकल आइटम के कारोबारी बताते हैं कि कंपनियों ने सर्जिकल आइटम पर 15 दिन पहले बढ़ोतरी कर दी थी। 10 से 20 फीसदी तक दाम बढ़े हैं। एक अप्रैल से अन्य सर्जिकल आइटमों पर भी दाम बढ़ने की उम्मीद है। अस्पतालों में सिरिंज बड़ी मात्रा में इस्तेमाल होती है। सबसे ज्यादा इसी के दामों में बढ़ोतरी हुई है।

विज्ञापन एक्सप्रेस