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उघैती। क्षेत्र के उघैती कस्बे में रविवार को हंस वाहिनी इंटर कॉलेज के प्रांगण में एक ‘विराट हिंदू सम्मेलन’ का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में हिंदू समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों ने हिस्सा लिया और समाज को संगठित कर राष्ट्र निर्माण की दिशा में कार्य करने का संकल्प लिया।कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि दिव्यानन्द योगिराज ने भारत माता के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर उन्होंने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए भारत भूमि पर जन्म लेने को परम सौभाग्य बताया। सम्मेलन की अध्यक्षता मुकेश शर्मा द्वारा की गई।मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के विभाग प्रचारक सुधांशू ने हिंदू समाज की वर्तमान स्थिति पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा:
एकजुटता: मानव कल्याण के लिए हिंदू समाज का संगठित होना अनिवार्य है।
परंपरा का संरक्षण: समाज को अपनी सनातन संस्कृति, शिखा, जनेऊ और प्राचीन परंपराओं को विस्मृत नहीं करना चाहिए।
सांस्कृतिक प्रतीक: उन्होंने हर घर में ‘ॐ’, ‘स्वस्तिक’ जैसे मांगलिक चिन्ह लगाने और तुलसी का पौधा रोपने का आह्वान किया।मुख्य अतिथि दिव्यानन्द योगीराज ने सामाजिक मूल्यों पर जोर देते हुए कहा कि यदि कोई व्यक्ति किन्हीं कारणों से धार्मिक स्थलों पर नहीं जा पाता, तो उसे अपने माता-पिता की सेवा करनी चाहिए, क्योंकि वही सबसे बड़ा धर्म है। उन्होंने परिवार को एकजुट रखने में महिलाओं (मातृशक्ति) की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। कार्यक्रम में मातृ शक्ति वीके ऊषा ने भी अपने प्रभावशाली विचार साझा किए।सम्मेलन के दौरान राम जन्मभूमि आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाने वाले डॉ०बनवारी लाल पाठक और तारा सिंह यादव को प्रतीक चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। आयोजकों ने स्पष्ट किया कि एक संगठित और संस्कारयुक्त समाज ही भारत को पुनः ‘विश्वगुरु’ के पद पर आसीन कर सकता है कार्यक्रम की संवेदनशीलता को देखते हुए क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात रहा। सम्मेलन में शरद कुमार, डॉ० बनवारी लाल पाठक, राजीव पाठक, मयंक राज,अनुज जौहरी, सहित क्षेत्र के तमाम गणमान्य नागरिक और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
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