बरेली। राष्ट्रीय मानव सेवा संस्थान ट्रस्ट (रजि.) भारत की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने बरेली सिटी सब्जी मंडी स्थित महर्षि वाल्मीकि मंदिर में उनके प्रकट महोत्सव के अवसर पर माल्यार्पण, दीप प्रज्वलन और पुष्प वर्षा की।
इस अवसर पर संस्थान की राष्ट्रीय अध्यक्ष बिंदु उर्फ इशिका सिंघानिया ने कहा कि “महर्षि वाल्मीकि जी संस्कृत भाषा के आदिकवि और महान हिंदू महाकाव्य रामायण के रचयिता हैं। उनका जीवन हमें यह प्रेरणा देता है कि आत्मशुद्धि और तपस्या से कोई भी व्यक्ति महान बन सकता है।” उन्होंने सभी देशवासियों को महर्षि वाल्मीकि प्रकट महोत्सव की शुभकामनाएं दीं।
राष्ट्रीय महामंत्री नरेंद्र पाल ने बताया कि तमसा नदी के तट पर एक पक्षी के मारे जाने पर वाल्मीकि जी के मुख से स्वभाविक रूप से निकला श्लोक संस्कृत साहित्य का प्रथम श्लोक माना जाता है। इसी के आधार पर उन्होंने रामायण की रचना की।
कार्यक्रम में राष्ट्रीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष पवन निहालानी, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मुकेश मेहंदीरत्ता, संरक्षक जे.आर. गुप्ता, भारतेंदु सिंह, डॉ. अखिलेश गुप्ता, रामकिशोर, अमरीश कठेरिया, हरबंस सिंह, राजेश खुराना, कांता गंगवार, हरि सिंह वरदान सहित अनेक कार्यकर्ता, क्षेत्रवासी और हिंदू समाज के लोग उपस्थित रहे।

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