9:12 pm Monday , 27 July 2026
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राधे-राधे बोल, श्याम आएंगे की गूंज के बीच श्री रघुनाथ जी मंदिर में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव अविस्मरणीय

“राधे-राधे बोल, श्याम आएंगे” की गूंज के बीच श्री रघुनाथ जी मंदिर, बदायूं में इस बार का श्रीकृष्ण जन्मोत्सव अलौकिक और अविस्मरणीय बना।

🌸 कार्यक्रम की शुरुआत श्रीमद्भागवत पाठ से हुई, जिसका समापन पूजनीय पंडित महावीर जी ने मंत्रोच्चारण और मंगल आशीर्वाद के साथ किया। इसके बाद पूरा मंदिर प्रांगण भक्ति रस में डूब गया।

🌼 जन्मोत्सव की पूर्व संध्या पर बच्चों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रम भी सभी का मन मोह गए। बाल कलाकारों ने राधा-कृष्ण की लीलाओं पर आधारित नृत्य व नाट्य प्रस्तुतियाँ दीं, जिनमें मासूमियत और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। दर्शक दीर्घा में बैठे हर भक्त ने बाल कलाकारों का उत्साहवर्धन तालियों से किया।

🚩 मंच पर एक से बढ़कर एक धार्मिक प्रस्तुतियाँ हुईं —
✨ श्री सुंदरकांड कमेटी , श्री बाल दुर्गा मंडल ने ऐसे मधुर भजन गाए जिनकी एक-एक पंक्ति पर भक्तगण झूम उठे,
✨ वहीं विश्व हिंदू परिषद महिला संकीर्तन मंडल ने संकीर्तन की बागडोर संभाली और “सूरत लगे प्यारी-प्यारी मेरे बांके बिहारी” जैसे भजनों से वातावरण भक्तिमय कर दिया।

🎶 “मीरा बाई नचदी” जैसे भजन पर महिला और पुरुष सभी भक्तगण नाचने को मजबूर हो गए।
हर ओर उल्लास, हर दिल में भक्ति का समुंदर उमड़ पड़ा।

🌺 इसी बीच, भक्तगण अपने प्रिय कान्हा की प्रथम झलक पाने को आतुर दिखाई दिए। जैसे ही झांकी का पट खोला गया, श्यामसुंदर की छवि सामने आई तो हर कोई मंत्रमुग्ध हो उठा। पूरा मंदिर परिसर “राधे-श्याम” के जयकारों से गूंज उठा।

🍬 जन्मोत्सव के अवसर पर भक्तों ने अपनी खुशी जताते हुए टॉफ़ी, बिस्कुट, चॉकलेट आदि बरसाए।
👭 सखियाँ बधाइयाँ लेकर आईं और भक्तगणों से बधाई एकत्रित करती नज़र आईं।
💝 अंत में सेवकों ने श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया, जिसे भक्तों ने बड़े प्रेम और आस्था से ग्रहण किया।

🪔 कार्यक्रम उपरांत प्रतिदिन की तरह मंदिर में आरती भी संपन्न हुई। आरती की मधुर धुन और “राधे नाम” का उच्चारण, मानो भक्तों को प्रभु के चरणों में विश्राम का अनुभव करा रहा हो।

🌟 आने वाले दिनों में भी उल्लास थमेगा नहीं —
👉 19 अगस्त को एकादशी पर्व पर मंदिर को फूलों और रोशनी से भव्य सजाया जाएगा।
👉 बहजोई से पधारने वाले कलाकार अपनी भक्ति और कला से सभी का मन मोह लेंगे।

✨ कुल मिलाकर, इस वर्ष का श्रीकृष्ण जन्मोत्सव बदायूं के लिए केवल एक पर्व नहीं, बल्कि भक्ति, आनंद, आस्था और संस्कृति का अद्भुत संगम बन गया, जिसे हर भक्त जीवनभर याद रखेगा।

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