8:24 am Tuesday , 28 July 2026
BREAKING NEWS

एचपी इंटरनेशनल स्कूल में विश्व बाघ दिवस पर छात्रों ने सीखा संरक्षण का पाठ

बदायूं। एचपी इंटरनेशनल स्कूल में आज विश्व टाइगर दिवस के अवसर पर कक्षा-9 और कक्षा-10 के छात्रों के लिए विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में छात्रों को बताया गया कि टाइगर हमारे इकोसिस्टम का अभिन्न हिस्सा हैं और उनकी रक्षा करना हम सबकी जिम्मेदारी है।
अध्यापक अजय यादव ने छात्रों को संबोधित करते हुए बताया, “दुनिया में केवल 3890 से 4000 टाइगर ही बचे हैं, जिनमें से 3682 भारत में हैं। यह संख्या दुनिया की कुल टाइगर आबादी का 75% है। जिम कॉर्बेट, बांधवगढ़ और बांदीपुर जैसे रिजर्व टाइगरों की प्रमुख शरणस्थली हैं। लेकिन शिकार और जंगलों की कटाई अभी भी इनकी सबसे बड़ी चुनौती हैं। हर साल 29 जुलाई को विश्व टाइगर दिवस मनाने का उद्देश्य टाइगर संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना और इन खूबसूरत जानवरों को बचाने के प्रयासों को प्रोत्साहित करना है।”
विद्यालय प्रबंधक निदेशक श्री शिवम पटेल ने बताया कि “बाघ केवल हमारे जंगलों का राजा नहीं है, बल्कि हमारे पर्यावरणीय संतुलन का प्रहरी है। यदि हम बाघों को नहीं बचाते, तो हमारी आने वाली पीढ़ियां केवल किताबों और तस्वीरों में इन्हें देख पाएंगी। हमें शिकार और वनों की कटाई पर सख्त रोक लगाने के साथ ही बाघ संरक्षण के लिए जनजागरूकता बढ़ानी होगी।”
वहीं, विद्यालय की निदेशिका श्रीमती सेजल पटेल ने बताया कि “प्रकृति और वन्यजीवों के बिना हमारी धरती अधूरी है। बाघों की घटती संख्या हमारे लिए चेतावनी है कि हम प्रकृति से कितनी तेजी से दूर हो रहे हैं। हमें छात्रों के माध्यम से एक ऐसा संदेश देना है कि हर बच्चा पर्यावरण और वन्यजीवों के संरक्षण में अपनी भूमिका समझे।”
इस अवसर पर छात्रों ने भी टाइगर संरक्षण पर विचार साझा किए और यह संकल्प लिया कि वे वन्यजीवों की रक्षा के लिए समाज में जागरूकता फैलाएंगे।

विज्ञापन एक्सप्रेस