एनएचएआई के कर्मचारियों ने बीती रात मिट्टी डालकर गंदे पानी के निकास को किया बंद।
नगर पालिका के नाले का पानी ना आने को नरऊ, मिहीलाल नगला,अचौरा व मलिकपुर के ग्रामीणों ने दिन-रात शुरू की हाइवे की निगरानी।
उझानी बदांयू 20 जून।
आखिरकार हाइवे की कार्यदाई संस्था एनएचएआई ने सिक्सलेन सडक बनाने को बीती रात नगर पालिका के नाले को मिट्टी भराव डालकर पूरी तरह से बंद कर दिया है। वहीं शहर के गंदे पानी से अपनी सेकडो बीघा ज़मीन तालाब में समाने से परेशान नरऊ, मिहीलाल नगला,अचौरा, मलिकपुर के ग्रामीणों ने हाइवे की दिन-रात निगरानी शुरू कर दी है कि कहीं फिर नगर पालिका पाइप डालकर गंदे पानी का निकास शुरू ना कर दे। चारों गांव के ग्रामीणों ने किसी भी कीमत पर अब नगर पालिका के नाले का रूख नरऊ तालाब में शुरू ना हो इसके लिए एकजुटता से मुकाबला करने की चेतावनी दी है।————————-
2002 में आता था पानी कम अब पूरे शहर का।
नरऊ निवासी बलवीर सिंह व धीरपाल सोलंकी ने बताया कि सन् 2002 में उझानी के कुछ हिस्से का पानी तालाब में आता था लेकिन धीरे-धीरे उझानी का धुविया तालाब,गुठाईन व गौशाला के समीप तालाब को पाटकर मकान बना दिए गये। उस वक्त आबादी 30 हजार थी अब एक लाख से उपर । अब नगर पालिका ने पूरे शहर का गंदा पानी नरऊ के तालाब में छोड़ दिया इससे चार गांव के ग्रामीणों की सेकडो बीघा जमीन उसमें समा गई। हम लोगों के सामने रोजी-रोटी का संकट खडा हो गया।
किसी कीमत पर अब नाले का पानी तालाब में नहीं आने देंगे।
अचौरा के विकास कुमार व मलिकपुर के अजीत ने बताया कि चारों गांव नगरपालिका के गंदे पानी से प्रभावित है ना पीने का पानी शुद्ध बचा ना खेत ही बचे अब गंदे पानी को नरऊ तालाब में किसी कीमत पर नहीं आने देंगे, इसलिए निगरानी कर रहे हैं कि रात में पाइप डालकर फिर नाले को नरऊ की ओर ना मोड दें।
समस्या विकराल अगर नगर पालिका के नाले को बंद रहने दिया जाए तो,अगर बरसात हुई तो दो दिन में पानी उझानी कादर चौक सडक पर व नगला मोहल्ला सहित रेलवे लाइन को नुक़सान पहुंचा सकता है,प्रसाशन को प्राथमिकता से इस गंभीर समस्या के समाधान खोजने को प्रयास करने की आवश्कता है।
राजेश वार्ष्णेय एमके।






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