बदांयू 18 जून।
परिषदीय स्कूलों में बच्चों की नामांकन संख्या बढ़ाने को हर जतन किए जाते हैं। स्कूल चलो अभियान के तहत तमाम जागरूकता रैली और जनसंपर्क अभियान से स्कूलों में बच्चों की संख्या को बढ़ाए जाने की कोशिश भी जाती है, लेकिन इसके बाद भी स्कूलों में बच्चों के नामांकन को गति नहीं मिल पाती है।
जनपद में कई ऐसे स्कूल हैं, जहां बच्चों के नामांकन की संख्या 50 से भी कम है। ऐसे स्कूलों को अब पास के स्कूलों के साथ मिलाने ( मर्ज )करने की कवायद शासन स्तर से शुरू की गई है। इसके लिए जिले से भी ऐसे स्कूलों का आंकड़ा इकट्ठा किया जा रहा है, जिसकी रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। फिलहाल सभी बीईओ से ऐसे स्कूलों की जानकारी मांगी गई है।
बेसिक शिक्षा के अधीन इन परिषदीय स्कूलों में कई स्कूल ऐसे हैं, जहां छात्र संख्या बेहद कम है। साथ ही शिक्षक-छात्र का मानक अनुपात भी ठीक नहीं है। कहीं कम छात्र संख्या पर अधिक शिक्षकों की तैनाती है, तो कहीं अधिक छात्र संख्या होने के बाद भी कम शिक्षकों की तैनाती की गई है। इसको देखते हुए बेसिक शिक्षा विभाग ने कम छात्र संख्या वाले स्कूलों को पास के स्कूलों के साथ मर्ज (एकीकरण) करने की कवायद शुरू कर दी है। जिले में सभी बीईओ से ऐसे स्कूलों की रिपोर्ट मांगी गई है। जहां छात्र संख्या 50 से कम है।
स्कूलों को मर्ज करते हुए बच्चों की सुरक्षा का भी ध्यान रखा जाएगा। इसमें ऐसे स्कूलों की मर्ज नहीं हो सकेगी, जिनके बीच की दूरी अधिक हो या कोई नदी नाला बीच में न आ रहा हो।
विभाग की ओर से कम छात्र संख्या ऐसे स्कूलों का डाटा पहले भी जुटाया गया था, लेकिन इसके बाद नामांकन अभियान शुरू होने के बाद कई स्कूलों की छात्र संख्या में बदलाव हुआ है। जहां 40 से 50 के बीच में छात्र संख्या थी, वहां नामांकन होने के कारण छात्र संख्या बढ़ गई। जिसके चलते ऐसे स्कूलों को शामिल नहीं किया जाएगा।
शासन के निर्देश पर कम छात्रों की संख्या वाले स्कूलों की रिपोर्ट तैयार करने के लिए सभी बीईओ को निर्देश दिए गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद इसको शासन में भेजा जाएगा। इसके बाद जो भी निर्देश मिलेंगे उसके तहत कार्रवाई की जाएगी। – बीरेंद्र सिंह बीएसए, बदांयू।
प्रदीप प्रजापति
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