5:33 am Friday , 31 July 2026
BREAKING NEWS

जांच न निगरानी, बदांयू में शुद्धता के नाम पर बिक रहा पानी

बदांयू 18 जून।

शहर से लेकर देहात तक सील पैक पानी बेचना है तो नियम का पालन करना पड़ता है, मगर खुला पानी जार और टंकी में बेचने पर कोई नियम-कानून नहीं है। ऐसे में धंधेबाज मिनरल वाटर बताकर अशुद्ध पानी बेच रहे हैं। आरओ प्लांट चलाने वाले हर दिन हजारों लीटर पानी की आपूर्ति कर मालामाल रहे हैं।
इस पानी की गुणवत्ता को जांचने और रोकने-टोकने वाला कोई नहीं है। ऐसे में वह धड़ल्ले से खुले पानी का कारोबार कर रहे हैं।
वहीं आम से लेकर खास तक भरोसे के साथ इस खुले पानी का सेवन कर रहे हैं।

खुले पानी के व्यापार में लोगों के स्वास्थ्य के साथ कब क्या हो जाए, यह कहा नहीं जा सकता। हालांकि, अशुद्ध पानी पीने को लेकर स्वास्थ्य विशेषज्ञ लगातार सचेत करते रहते हैं।
पानी बेचने का धंधा इस समय शहर से तहसील और ग्रामीण इलाकों में खूब फल-फूल रहा है। वर्तमान में जनपद स्तर पर करीब 100 से अधिक आरओ प्लांट इस समय चल रहे हैं।

जानकार बताते हैं कि शहर में ही करीब आठ से 20 हजार लीटर पानी लोगों के घरों व प्रतिष्ठानों में पहुंचाया जा रहा है। जार में शुद्ध पानी बताकर धंधेबाज ग्राहकों से 20 से 30 रुपये वसूल रहे हैं। इनमें कोई रोजाना भुगतान कर देता है तो कोई महीने में करता है। सबसे ज्यादा शहर के दुकानदार जार के पानी का इस्तेमाल कर रहे हैं।

खास बात है कि आरओ प्लांट के संचालनकर्ता को यह भी नहीं पता कि पानी की शुद्धता के मानक क्या हैं, पानी का टीडीएस कितना होना चाहिए, इतना हीं नहीं, पानी की जांच कौन करता है।
खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार पानी पैक होने के बाद ही प्लांट विभाग के अधीन आएगा। केवल पैक किए वॉटर बॉटल को ही विभाग सैंपल लेकर जांच के लिए भेजता है।

प्रदीप प्रजापति

विज्ञापन एक्सप्रेस