

बिल्सी, तहसील क्षेत्र के यज्ञ तीर्थ गोदने में स्थितआर्य समाजके तत्वावधान में होली के अवसर पर पर्यावरण की शुद्धि तथा आरोग्यता के लिए 42 जड़ी बूटियां के साथ विशेष होली की यज्ञ सामग्री बनाई गई जो लगभग 5000 परिवारों तक पहुंचाई जाएगी ! आर्य समाज के अंतरराष्ट्रीय वैदिक विद्वान तथा समाज सुधारक आचार्य संजीव रूप के निर्देशन में विगत 2009 से पर्यावरण की शुद्धि हेतु एक अभियान चलाया जा रहा है होली है विश्व यज्ञ महोत्सव ! आचार्य संजीव रूप का कहना है की होली घरों में महिलाओं के द्वारा तथा पुरुषों के द्वारा एक स्थान पर इकट्ठा होकर के मनाया जाने वाला यज्ञ पर्व है , जहां सामूहिक रूप से यज्ञ ही किया जाता है ! यज्ञ का करना इसलिए आवश्यक है क्योंकि ऋतु परिवर्तन के समय होने वाले रोगों से बचा जा सके तथा पर्यावरण को शुद्ध किया जा सके ! आचार्य संजीव रूप बताते हैं कि जैसे पॉलिथीन जलाने से या मिर्च जलाने से हजारों लोगों को दुर्गंध आता है और वह परेशान हो जाते हैं वैसे ही अग्नि में उत्तम सामग्री तथा औषधीय भी गुण गिलोय हल्दी आदि डालने से औषधीय सूक्ष्म होकर के करोड़ों मनुष्यों तक पहुंच जाती है और लोग स्वस्थ और सुखी होते हैं आचार्य संजीव रूप ने जनपद के कई स्थानों पर जाकर होली की सामग्री के पैकेट निशुल्क वितरित करने का अभियान शुरू कर दिया है इस कार्य में कार्य संस्कारशाला गुरुकुल के बच्चों ने सहयोग दिया ग्राम वासियों ने भी सहयोग दिया ! सामग्री वेद मित्रों के द्वारा अभिमंत्रित की गई है !


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