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उझानी बदांयू 17 जनवरी। माघ मास की चतुर्थी को पड़ने वाली सकट चौथ (संकठा माता पूजन) को लेकर पुत्रवती महिलाओं ने निर्जला व्रत रख भगवान गणेश व माता संकठा की पूजा अर्चना कर पुत्र की लम्बी उम्र की कामना की। एक दिन पहले बृहस्पतिवार को जहां महिलाएं घरों की सफाई से लेकर तैयारियों में जुटी रहीं। वहीं बाजारों में शकरकंद, गुड़, तिल खरीदने के लिए लोगों की भीड़ सुबह से लेकर शाम तक जुटी रही।
हर साल माघ माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी के दिन संकट चौथ का त्योहार मनाया जाता है, जो सभी माताओं के लिए बेहद खास होता है। इस दिन महिलाएं संतान की लंबी उम्र और अच्छे जीवन की कामना के लिए निर्जला उपवास रखती हैं। पौराणिक कथाओं के अनुसार सकट का पर्व हिंदू धर्म के प्रमुख त्योहारों में से एक है। इस तिथि पर गौरी पुत्र गणेश और माता संकठा की उपासना करने से संतान के सभी कष्टों का निवारण होता है। इतना ही नहीं संतान को बल-बुद्धि और विद्या का आशीर्वाद भी प्राप्त होता है। बेटे की लंबी उम्र व सुखमय जीवन व्यतीत होने को लेकर पुत्रवती महिलाएं ने शुक्रवार को सकट चौथ का दिनभर निर्जला व्रत रहने के बाद शाम को चंद्रमा को अर्घ्य देकर संकठा माता की पूड़ी ,पुआ,खीर तिलकुट से पूजा करने के बाद बेटों की लंबी उम्र व सुखमय जीवन की कामना की।
———————— राजेश वार्ष्णेय एमके।
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