तेल माफियाओं पर प्रशासन का बड़ा प्रहार: अवैध पेट्रोल पंप सील, मालिक ‘फौजी’ समेत कई पर मुकदमे की तैयारी
शाहजहांपुर में प्रशासन की बड़ी कार्रवाई, बिना लाइसेंस धड़ल्ले से बिक रहा था पेट्रोल-डीजल
शाहजहांपुर जिले में अवैध ईंधन कारोबार के खिलाफ प्रशासन ने शुक्रवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए डींगुरपुर अर्सलानी गांव में संचालित एक कथित अवैध पेट्रोल पंप पर छापा मारकर पूरी यूनिट सील कर दी। कार्रवाई के दौरान खुलासा हुआ कि बिना लाइसेंस और सरकारी अनुमति के खुलेआम पेट्रोल और डीजल की बिक्री की जा रही थी। मौके पर पहुंची टीम ने भारी अनियमितताओं को देखते हुए पंप मालिक समेत कर्मचारियों के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
जिला पूर्ति अधिकारी के निर्देश पर क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी रुचि मिश्रा, पूर्ति निरीक्षक संजय यादव, पूर्ति लिपिक प्रशांत यादव और बांट-माप निरीक्षक अरविंद मिश्रा की संयुक्त टीम पुलिस बल के साथ मुकरमपुर-कटिया रज्जब मार्ग पर पहुंची। यहां “माई इण्डीफ्यूल प्राइवेट लिमिटेड” के नाम से संचालित डिस्पेंसिंग यूनिट पर पेट्रोल और डीजल की बिक्री होती मिली।
जांच के दौरान टीम को चौंकाने वाली लापरवाहियां मिलीं। न तो मौके पर रेट लिस्ट लगी थी और न ही स्टॉक बोर्ड प्रदर्शित था। कर्मचारियों के पास कोई वैध लाइसेंस या दस्तावेज मौजूद नहीं थे। परिसर में 10 किलोलीटर और 12 किलोलीटर क्षमता के दो भूमिगत टैंक मिले, जिनमें करीब 100 लीटर डीजल और 300 लीटर पेट्रोल भरा हुआ था। लेकिन स्टॉक जांच के लिए जरूरी डिप रॉड और डिप चार्ट तक उपलब्ध नहीं थे।
मौके पर मौजूद कर्मचारी अमन कुमार और रॉकी ने बताया कि यूनिट का मालिक राजाबाबू उर्फ फौजी निवासी ग्राम बैरी, थाना मदनापुर तिलहर है। जांच टीम ने फोन कर मालिक को दस्तावेजों सहित मौके पर बुलाया, लेकिन उसने आने से साफ इनकार कर दिया। इसके बाद प्रशासन ने यूनिट को पूरी तरह अवैध मानते हुए सख्त कार्रवाई शुरू कर दी।
प्रशासनिक जांच में यह भी सामने आया कि बिना अनुमति ईंधन का भंडारण और बिक्री मोटर स्पिरिट एवं हाई स्पीड डीजल आदेश-2005, उत्तर प्रदेश डीजल वितरण आदेश-1981 और बायोडीजल विक्रय संबंधी शासनादेश-2023 का सीधा उल्लंघन है।
कार्रवाई के दौरान टीम ने पेट्रोल और डीजल के नमूने लेकर दोनों नोजिलों और भूमिगत टैंकों को सील कर दिया। सील की गई यूनिट को अग्रिम न्यायालय आदेश तक ग्राम पंचायत डींगुरपुर के प्रधान पति अशफाक अली की सुपुर्दगी में सौंपा गया है, जबकि पुलिस को मौके पर निगरानी बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन अब इस पूरे नेटवर्क की जांच में जुट गया है। पंप मालिक राजाबाबू फौजी, कर्मचारी अमन कुमार, रॉकी और अन्य संलिप्त लोगों के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3/7 के तहत मुकदमा दर्ज कराने की तैयारी तेज कर दी गई है। इलाके में इस कार्रवाई के बाद अवैध ईंधन कारोबारियों में हड़कंप मचा हुआ है।







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