बदायूं: 1200 स्वास्थ्य कर्मियों की हड़ताल से चरमराई स्वास्थ्य सेवाएं, दो माह से मानदेय नहीं।
बदांयू 22 मई।
उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के तहत कार्यरत जिले के करीब 1200 अधिकारियों-कर्मचारियों को पिछले दो माह से मानदेय नहीं मिला है। मानदेय न मिलने से नाराज कर्मचारियों ने बृहस्पतिवार को सीएमओ कार्यालय परिसर में धरना-प्रदर्शन कर कार्य बहिष्कार शुरू कर दिया। हड़ताल से जिले की स्वास्थ्य सेवाओं पर व्यापक असर पड़ा है।
भारतीय मजदूर संघ के जिलाध्यक्ष देवदत्त शर्मा ने बताया कि 18 से 20 मई तक सभी कार्मिकों ने काला फीता बांधकर विरोध जताया, लेकिन सरकार ने ध्यान नहीं दिया। इसके बाद 21 मई से आकस्मिक सेवाएं छोड़कर पूर्ण कार्य बहिष्कार शुरू कर दिया गया। उप्र राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष कृष्ण वल्लभ चतुर्वेदी के नेतृत्व में जनपद भर के स्वास्थ्य कर्मी आंदोलनरत हैं। जिला महासचिव डॉ. प्रभाकर मिश्रा ने कहा कि सरकार का रवैया भेदभावपूर्ण है।
वहीं सीएमओ डॉ. श्रीमोहन झा ने बताया कि शासन से धनराशि मिल गई है। दो से तीन दिन में सभी कर्मचारियों के खातों में मानदेय पहुंच जाएगा।
सीएचओ की डिजिटल स्ट्राइक का पहले दिन ही व्यापक असर दिखा। अधिकांश आयुष्मान आरोग्य मंदिरों पर सीएचओ मौजूद तो रहे, लेकिन ऑनलाइन कार्यों का बहिष्कार किया। इससे टेली कंसल्टेंसी, एनसीडी पोर्टल, डीवीडीएमएस सिस्टम, आयुष्मान कार्ड निर्माण समेत तमाम डिजिटल स्वास्थ्य सेवाएं ठप रहीं।
फैजगंज बेहटा स्थित नवीन पीएचसी पर हड़ताल का सीधा असर पड़ा। यहां सिर्फ चार स्वास्थ्य कर्मी मौजूद रहे। चिकित्सा अधिकारी पारुल सिंह ने बताया कि स्टाफ की कमी से जांच सेवाएं ठप रहीं। उधर, सैदपुर सीएचसी पर हड़ताल का असर कम रहा और 122 मरीजों का उपचार हुआ, लेकिन कर्मियों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी दी है। म्याऊं पीएचसी पर एनएचएम कर्मियों ने 21 से 24 मई तक हड़ताल की घोषणा की है।


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