उझानी में ‘लू का लॉकडाउन’: सूरज उगल रहा आग, बाजार पड़ा ठंडा।
3 दिन में करोड़ों का कारोबार स्वाहा।
उझानी बदांयू 21 मई ।
आसमान से बरसती आग और सड़कों पर चलती लू ने उझानी के कारोबार पर ‘कर्फ्यू’ लगा दिया है। 43 डिग्री के तंदूर में झुलस रही उझानी के बाजारों में ऐसा सन्नाटा पसरा है कि दुकानदार मक्खी मार रहे हैं। तीन दिन में ही करीब 2 करोड़ का कारोबार चौपट हो गया है।
आम दिनों में उझानी के कछला रोड, बदांयू रोड, स्टेशन रोड, बिल्सी रोड और सब्जी मंडी में रोजाना करीब 50 से 60 लाख की खरीद-बिक्री होती थी। अब आलम ये है कि सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक दुकानों पर ग्राहक की शक्ल देखने को तरस गए व्यापारी। सूरज चढ़ते ही बाजार ‘भूतहा’ हो जाते हैं। सिर्फ शाम को 3-4 घंटे के लिए लोग घरों से निकल रहे हैं, तब तक व्यापारी थक-हारकर शटर गिराने की सोचने लगता है।

कछला रोड के कपड़ा व्यापारी संजय गुप्ता बताते हैं, “दुकान खोलते ही कूलर-एसी फुल स्पीड में चलाते हैं, फिर भी ग्राहक नहीं। जो आते भी हैं वो 5 मिनट में पसीने से तर होकर भाग जाते हैं। बिजली भी आंख-मिचौली खेल रही है। दिनभर ग्राहक का इंतजार और शाम को थकान, कारोबार कैसे चले?”
व्यापारियों का दर्द ये है कि नगर पालिका की तरफ से लू से बचाव का कोई इंतजाम नहीं। न बाजारों में ग्रीन मैट लगी, न पीने के पानी के टैंकर, न अस्थायी छाया की व्यवस्था। सार्वजनिक शौचालयों का हाल तो पूछो ही मत। व्यापारी अपने खर्च पर पानी के कैंपर और कूलर लगाकर ग्राहकों को रोकने की जद्दोजहद कर रहे हैं।
उझानी व्यापार मंडल ने प्रशासन से गुहार लगाई है कि भीषण गर्मी को देखते हुए प्रमुख बाजारों में तुरंत अस्थायी शेड, पानी के टैंकर और सड़कों पर छिड़काव की व्यवस्था की जाए। संगठन का कहना है कि अगर ग्राहकों को राहत नहीं मिली तो बाजार पूरी तरह बैठ जाएगा और छोटे दुकानदारों की कमर टूट जाएगी।
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राजेश वार्ष्णेय एमके।

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