बिसौली में शेरनुमा आतंक’ का अंत! 200 लोगों को काटने वाला पागल डॉग के ढेर होने की चर्चा।
बिसौली (बदायूं)
कई दिनों से दहशत का पर्याय बना शेरनुमा पागल डॉग आखिरकार मौत के घाट उतार दिया गया। करीब 200 से अधिक लोगों को घायल कर चुके इस खूंखार जानवर का अंत एक किसान ने आत्मरक्षा में फावड़े से वार कर किया इसको लेकर नगर और आसपास क्षेत्र में व्यापक चर्चा है। डॉग के मरने की खबर फैलते ही पूरे इलाके में राहत की लहर दौड़ गई और लोगों ने खुलकर सांस ली।
रविवार रात एक शादी समारोह में अचानक घुसकर लोगों पर हमला करने से इस खौफनाक सिलसिले की शुरुआत हुई थी। इसके बाद यह डॉग लगातार नगर से गांव और खेतों तक लोगों को निशाना बनाता रहा। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक ब्राउन रंग का यह कुत्ता शेर जैसी शक्ल का था और बिना किसी उकसावे के बच्चों, महिलाओं और किसानों पर टूट पड़ता था। हालात इतने बिगड़ गए थे कि कई जगह भगदड़ और अफरा-तफरी मच गई, जबकि लोग घरों में कैद होने को मजबूर हो गए।
हमलों का आंकड़ा तेजी से बढ़ता गया। सोमवार को बिसौली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर करीब 80 से ज्यादा लोगों का पंजीकरण हुआ, जबकि 60 से 70 घायलों को गंभीर हालत में तत्काल एंटी-रेबीज वैक्सीन लगानी पड़ी। इसके अलावा बड़ी संख्या में लोग निजी अस्पतालों में भी इलाज कराते रहे। कुल मिलाकर करीब 200 से अधिक लोग इस पागल डॉग का शिकार बने।
इसी बीच एक खेत पर काम कर रहे किसान पर भी डॉग ने हमला कर दिया। जान बचाने के लिए किसान ने फावड़े से जोरदार पलटवार किया, जिससे मौके पर ही डॉग की मौत हो गई। इस घटना के बाद इलाके में फैले खौफ का अंत हो गया और लोगों ने राहत की सांस ली।
डॉग के मारे जाने के बाद अब बिसौली और आसपास के गांवों में स्थिति सामान्य होने लगी है। बाजारों में फिर से चहल-पहल लौट आई है और लोग अपने कामकाज के लिए बाहर निकलने लगे हैं। हालांकि इस पूरी घटना ने प्रशासन की कार्यप्रणाली और आवारा जानवरों के नियंत्रण को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।


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