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बदांयू 10 अक्टूबर।
सुहागिनों का महापर्व करवा चौथ आज पूरे जनपद में मनाया जा रहा है। इस व्रत में सुहागिन महिलाएं पति की लंबी आयु, सुख-समृद्धि और अच्छे स्वास्थ्य की मनोकामना के लिए निर्जला व्रत रखती हैं।
आज प्रेम, आस्था, विश्वास और समर्पण का पर्व करवाचौथ है। पति की लंबी उम्र और अखंड सौभाग्य के लिए महिलाएं निर्जला व्रत रखकर भगवान भोलेनाथ, माता पार्वती और प्रथम पूज्य देव गणपति की पूजा करने के बाद चंद्रमा को अर्घ्य देकर व्रत का पारण करेंगी। ज्योतिष में चंद्रमा को मन का कारक ग्रह माना जाता है। इसकी पूजा करने से मन को शांति, सुख और समृद्धि प्राप्त होती है।
ज्योतिषाचार्य राजेश शर्मा बताते हैं कि करवा चौथ पर 200 साल बाद सिद्धि (कार्य में सफलता दिलाने वाला योग) एवं शिववास (शिव का कैलाश पर्वत पर निवास का योग) बन रहा है। यह योग व्रती महिलाओं के वैवाहिक जीवन में खुशहाली लाएगा। उन्होंने बताया कि इस साल करवा चौथ कृतिका एवं रोहणी नक्षत्र में मनेगी। कृतिका नक्षत्र साहस और ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है, वहीं रोहिणी नक्षत्र में चंद्रमा की उच्च स्थिति व्रती महिलाओं के लिए शुभ मानी जाती है।


ज्योतिषाचार्य राजेश शर्मा ने बताया कि करवाचौथ या करक चतुर्थी कार्तिक मास की चतुर्थी तिथि (शुक्रवार) को मनाया जाएगा। निर्णय सागर पंचांग के अनुसार आगा में चंद्रोदय रात्रि 8.37 बजे होगा। इस बार चंद्रमा रोहिणी नक्षत्र में गोचर होने के कारण व्रती महिलाओं के लिए और अधिक मंगलकारी होगा।
ज्योतिषाचार्य ने बताया कि इस साल सिद्ध योग केंद्रों में एवं धन भावों में सभी ग्रह होने से यह करवाचौथ पति को जीवन में सौभाग्य, धन प्राप्ति, सुख-समृद्धि, शुभ सकारात्मक विचार और अच्छा स्वास्थ्य प्राप्त होने के योग बनेंगे।
पूजन वाले स्थान को गंगाजल छिड़क कर शुद्ध और पवित्र करें। पीली मिट्टी की गौर, पार्वती और श्री गणेश बनाए। उनका श्रृंगार करें और उन्हें चौकी पर विराजें। लोटे और करवे में जल भरकर रखें। व्रती महिला सोलह श्रंगार कर पूजा में बैठें। हाथ में अक्षत और फूल लेकर करवाचौथ की कथा सुने। रोली, चावल, हल्दी, फूल-माला से भगवान की पूजा करें। पूजा के बाद 7 बार करवा बदला जाता है। पूड़ी, पुए, लड्डू, मिठाई आदि का भोग लगाएं। चंद्रोदय के बाद अर्घ्य देकर और बड़ों का आशीर्वाद लेकर व्रत का पारण करें।
पूजन का शुभ मुहूर्त- शाम 5.30 बजे से 6.30 बजे तक
चंद्रोदय- स्थानीय समय के अनुसार रात 8.37 बजे
चंद्रोदय का समय
आगरा रात 8.14
एटा रात 8.10
मथुरा रात 8.16
बदांयू रात 8.09
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