6:00 am Thursday , 23 July 2026
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ट्रांसफर के बाद भी थाने से चिपका कांस्टेबल

SSP के आदेश हवा-हवाई: ट्रांसफर के बाद भी थाने से चिपका कांस्टेबल, दातागंज से सहसवान नहीं हुई रवानगी

बदायूं
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के आदेश को थाने में ही ठेंगा दिखा दिया गया। महीनों पहले ट्रांसफर होने के बावजूद कांस्टेबल नरेंद्र कुमार आज भी थाना दातागंज में ही जमा हुआ है। SSP ने दातागंज से सहसवान भेजने का फरमान सुनाया था, पर रवानगी के कागज पर स्याही सूख गई, मगर सिपाही की कुर्सी नहीं हिली।

क्या है पूरा मामला?
सूत्रों की मानें तो कांस्टेबल नरेंद्र कुमार का तबादला काफी समय पहले प्रशासनिक आधार पर थाना दातागंज से सहसवान कर दिया गया था। नियमानुसार 24 से 48 घंटे में रिलीव होकर नई तैनाती पर आमद देनी होती है। लेकिन हफ्ते बीत गए, महीना निकल गया, फिर भी नरेंद्र कुमार दातागंज थाने में ही ड्यूटी बजा रहा है।

SSP के आदेश की खुलेआम अवहेलना
पुलिस महकमे में SSP का आदेश अंतिम माना जाता है। बड़े से बड़ा अधिकारी भी उस पर सवाल नहीं उठाता। लेकिन यहां तो कांस्टेबल ने ही आदेश को रद्दी की टोकरी में डाल दिया। सवाल ये है कि थानेदार की मिलीभगत है या ऊपर तक सेटिंग? बिना रिलीव हुए सिपाही थाने में कैसे टिका है, ये खुद पुलिस के लिए सवाल बन गया है।

सहसवान थाने में इंतजार
उधर सहसवान थाने में स्टाफ की कमी है। नरेंद्र कुमार की आमद का इंतजार हो रहा है, पर सिपाही पहुंच ही नहीं रहा। इससे थाने का काम भी प्रभावित हो रहा है।

महकमे में चर्चा गर्म
इस मामले ने पुलिस महकमे में नई बहस छेड़ दी है। सिपाही बोले — “हमारा ट्रांसफर हो तो शाम तक सामान बांधना पड़ता है, यहां महीनों से आदेश हवा में लटका है।” अगर SSP का आदेश ही नहीं माना जा रहा तो अनुशासन का क्या होगा?

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