“बिजली सिर्फ तार का मसला नहीं, लोगों की जिंदगी से जुड़ा है”: CM योगी ने दिए युद्धस्तर पर काम के आदेश।
लखनऊ 24 मई।
यूपी में भीषण गर्मी और बिजली कटौती के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ऊर्जा विभाग की समीक्षा बैठक में सख्त रुख अपनाया। CM ने कहा – “बिजली आपूर्ति केवल तकनीकी विषय नहीं बल्कि आमजन के जीवन, किसानों की सिंचाई, व्यापारिक गतिविधियों और औद्योगिक विकास से जुड़ा विषय है। गांव हो या शहर, भीषण गर्मी में निर्बाध बिजली देना हर हाल में सुनिश्चित करें।”
सख्त निर्देश- फीडर-वाइज जवाबदेही तय होगी। ट्रांसफॉर्मर खराब होने या शिकायत निस्तारण में लापरवाही बर्दाश्त नहीं।
जनता को जवाब दो- बिजली कब तक ठीक होगी, ये उपभोक्ता को साफ-साफ बताना होगा। सिर्फ शिकायत दर्ज करना काफी नहीं।
उत्पादन बढ़ा-
2022 के मुकाबले 2026 में बिजली उत्पादन क्षमता 86% बढ़कर 13,388 मेगावाट हुई। गैर-पारंपरिक स्रोतों से 10,000 मेगावाट अलग से।
ट्रांसफॉर्मर सुधार-
2022-23 में 429 पावर ट्रांसफॉर्मर खराब हुए थे, 2025-26 में सिर्फ 87। बड़े ट्रांसफॉर्मर की क्षति भी 39,177 से घटकर 20,292 रह गई।
स्मार्ट मीटर पर राहत-
89.23 लाख स्मार्ट मीटर लगे हैं। जून 2026 से सभी बिल पोस्टपेड आधार पर 1-10 तारीख के बीच आएंगे।
CM ने कहा कि 20-22 मई को UP देश में सबसे ज्यादा बिजली मांग पूरी करने वाला दूसरा राज्य रहा। पीक डिमांड 30,339 मेगावाट पहुंची। उन्होंने 12 राज्यों से पावर बैंकिंग के जरिए आपूर्ति मजबूत करने को कहा।
ऊर्जा मंत्री AK शर्मा और राज्य मंत्री कैलाश सिंह राजपूत को 1912 हेल्पलाइन कॉल सेंटर का भौतिक निरीक्षण करने के निर्देश भी दिए।
CM का अल्टीमेटम- _
“प्रदेशवासियों को गर्मी में पर्याप्त विद्युत आपूर्ति उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। फील्ड अफसरों की मॉनिटरिंग होगी, लापरवाही पर सख्त कार्रवाई।”_
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