महंगे डीजल की मार: देश में खेत से रसोई तक मचेगा हाहाकार।
10 फीसदी बढ़ेगा भाड़ा, आटा-दाल-सब्जी सब पर पड़ेगी महंगाई की मार; किसान बोले- अब खेती घाटे का सौदा।
उझानी-बदायूं, 16 मई।
डीजल 3.25 रुपये महंगा होते ही उझानी-बदायूं के बाजार से खेत तक हड़कंप मच गया। ट्रांसपोर्टरों ने साफ कह दिया कि अब मालभाड़ा 10 फीसदी बढ़ाना मजबूरी है। उधर किसान बोले कि ट्रैक्टर की जुताई से लेकर पंप से सिंचाई तक सब महंगा हो गया। इसका सीधा असर आटा, चावल, दाल और सब्जी की थाली पर पड़ेगा।
ट्रैक्टर चलाना हुआ महंगा- उझानी के किसान हरपाल सिंह ने बताया, “एक बीघा खेत जोतने में अब 20 रुपये ज्यादा लगेंगे। डीजल पंप से सिंचाई करो तो 25 रुपये प्रति घंटा का खर्च बढ़ गया। खाद-बीज पहले से महंगा, अब डीजल ने कमर तोड़ दी।” बदायूं मंडी के आढ़ती राकेश गुप्ता बोले, “गांव से मंडी तक सब्जी लाने का भाड़ा बढ़ेगा तो टमाटर-आलू 2 से 5 रुपये किलो महंगा होना तय है।”
ट्रांसपोर्टर भी लाचार- ट्रांसपोर्ट यूनियन के अध्यक्ष ने कहा, “ट्रक चलाना अब घाटे का सौदा है। टायर, इंश्योरेंस, टोल सब महंगा। ऊपर से डीजल 3 रुपये बढ़ गया। 10 फीसदी भाड़ा बढ़ाए बिना गाड़ी का किश्त निकलना मुश्किल।” उझानी के पिकअप चालक अनीस ने कहा, “पहले 800 रुपये में बदायूं का चक्कर लग जाता था, अब 900 से कम में बात नहीं बनेगी।”
रसोई का बजट बिगड़ेगा-गृहिणी सुनीता देवी बोलीं, “पहले ही दूध 2 रुपये महंगा हुआ। अब आटा-दाल का रेट बढ़ा तो महीने का बजट कैसे चलेगा?” किराना व्यापारी मुकेश अग्रवाल ने कहा, “मालभाड़ा बढ़ते ही हर सामान पर 3 से 5 रुपये किलो का असर पड़ेगा। फेस्टिवल सीजन में मार और तेज होगी।”
सरकार से मांग-किसान नेता सत्यवीर सिंह यादव और ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के सदस्यों ने डीजल बढ़ोतरी वापस लेने की मांग की। बोले, “जब क्रूड सस्ता था तब दाम नहीं घटाए। अब बढ़ते ही जनता पर बोझ डाल दिया। यह दोहरी मार बंद हो।”
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राजेश वार्ष्णेय एमके।

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