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उझानी बदांयू 11 मार्च।
सूर्य देव एक बार फिर अपनी चाल बदलकर 14 मार्च को मीन राशि में प्रवेश करेंगे। इसके बाद खरमास शुरू हो जाएगा। खरमास के 31 दिनों में देवी का प्रभाव दिखेगा। लोग 19 मार्च से शुरू हो रहे नवरात्र में विवाह छोड़ अन्य मांगलिक कार्य कर सकते हैं। बाकी 22 दिनों तक मांगलिक कार्यों पर विराम रहेगा।
नवरात्र में गृह प्रवेश, अन्नप्रासन, गोदभराई आदि कार्य कर सकते हैं शादियां आदि मांगलिक कार्य नहीं होंगे। हालांकि, 14 अप्रैल के बाद मांगलिक कार्य शुरू हो जाएंगे जो तीन माह से ज्यादा समय तक होंगे।
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार साल में दो बार खरमास लगता है। इसमें सूर्य भगवान अपने गुरुदेव की राशि धनु और मीन राशि में जाते हैं। 14 मार्च को सूर्य देव कुंभ राशि को छोड़कर मीन राशि में प्रवेश करेंगे और खरमास शुरू हो जाएगा।
ज्योतिषाचार्य प्रवीण शर्मा ने बताया ने 14 मार्च की रात या 15 मार्च को भोर में 3:07 बजे सूर्य भगवान गुरु की राशि में प्रवेश कर जाएंगे। इसके बाद खरमास शुरू हो जाएगा।
14 अप्रैल को खरमास पर विराम लगेगा। क्योंकि, सूर्य देव मेष राशि में प्रवेश कर जाएंगे, जो सूर्य देव की उच्च राशि होती है, जिससे वैवाहिक सहित सभी तरह के मांगलिक कार्य पुन: शुरू हो जाएंगे। 20 जुलाई तक तीन माह से अधिक समय तक लगन रहेगा।
देवी की अराधना का पर्व नवरात्र 19 से 27 मार्च तक चलेगा। उन्होंने बताया कि इस दौरान लग्न के मुहूर्त नहीं बनेंगे। इसलिए शादियां नहीं होंगी। बाकी मांगलिक कार्य होंगे। इसमें यज्ञोपवीत संस्कार, मुंडन, अन्नप्राशन, दुकान का उद्घाटन आदि मंगल कार्य होंगे। साथ ही गया तीर्थ पर श्राद्ध कर्म पर खरमास का कोई बंधन नहीं होता है।
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